Delhi दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए पंजाब, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) विभाग के नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह निर्णय पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि SC विभाग की भूमिका राज्यों में पार्टी की सामाजिक पकड़ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। इसी रणनीति के तहत तीन प्रमुख राज्यों में नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों का उद्देश्य दलित समाज के बीच संगठनात्मक संपर्क को बढ़ाना और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है।
AICC ने स्पष्ट किया है कि नए प्रदेश अध्यक्षों से अपेक्षा की जाती है कि वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें, सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दें और पार्टी की नीतियों को व्यापक रूप से जनता तक पहुंचाएं। इसके साथ ही उन्हें राज्य स्तर पर SC समुदाय से जुड़े संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ समय से अपने संगठनात्मक ढांचे में लगातार बदलाव कर रही है, ताकि विभिन्न सामाजिक वर्गों और समुदायों के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत किया जा सके। SC विभाग की यह नियुक्ति भी उसी व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर राज्य स्तरीय राजनीति पर देखने को मिल सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि नए प्रदेश अध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।