दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया पॉडकास्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत और सीमाओं पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि AI तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो, यह मानवीय कल्पनाशीलता और संवेदनशीलता की जगह नहीं ले सकता।
भारत की भूमिका पर जोर
पीएम मोदी ने डिजिटल युग में भारत की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत टेक्नोलॉजी इनोवेशन में अग्रणी बनने की ओर बढ़ रहा है और AI जैसी तकनीकों को नैतिकता व मानव कल्याण के दायरे में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
AI और रोजगार का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने AI के कारण रोजगार पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर AI नए अवसर पैदा कर रहा है, वहीं इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की जरूरत है ताकि मानवीय क्षमताओं को नुकसान न पहुंचे।
भारत में AI का भविष्य
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार AI को शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए इस्तेमाल करने पर ध्यान दे रही है। भारत में AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और युवाओं को AI स्किल्स से लैस करने के लिए भी कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि AI भले ही एक बड़ी तकनीकी क्रांति है, लेकिन यह केवल इंसानों के साथ मिलकर काम करने के लिए है, न कि उनकी जगह लेने के लिए। उन्होंने भारत को AI विकास का वैश्विक केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।