4 दिन बाद दवाइयों के दाम बढ़ने की खबर, सरकार ने सूची जारी की
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सूचीबद्ध (नियंत्रित) दवाओं के दामों में बदलाव की अनुमति साल में एक बार दी जाती है। आवश्यक दवाओं की सूची में पेरासिटामोल, बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, खून की कमी (एनीमिया) की दवाएं, विटामिन और खनिज (मिनरल) जैसी दवाएं शामिल हैं। कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं और स्टेरॉयड भी इस सूची में हैं।फार्मा उद्योग के एक अधिकारी के अनुसार, यह मामूली बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब ईरान युद्ध के कारण बढ़ती इनपुट यानी कच्चे माल की लागत ने उद्योग के मुनाफे के मार्जिन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
द इकनॉमिक टाइम्स ने उद्योग विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि चल रहे युद्ध के कारण कुछ प्रमुख एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिएंट्स (APIs) और सॉल्वैंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं और यह बढ़ोतरी मुश्किल से ही कोई राहत देगी। उदाहरण के लिए, पिछले कुछ हफ्तों में APIs की कीमतों में औसतन 30-35% की वृद्धि हुई है। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि ग्लिसरीन की कीमत 64% बढ़ गई है, जबकि पैरासिटामोल की कीमत 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत 30% बढ़ गई है। पॉलीविनाइल क्लोराइड और एल्युमीनियम फॉयल जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमत में भी 40% की वृद्धि हुई है।