Pune पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि संघ प्रमुख एक सम्मानित नेता हैं और उनका हर वक्तव्य गहन विचार-विमर्श के बाद सामने आता है।
मीडिया से बातचीत में सदावर्ते ने कहा कि मोहन भागवत का सार्वजनिक जीवन और अनुभव उन्हें एक जिम्मेदार नेतृत्व प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "RSS प्रमुख मोहन भागवत एक सम्मानित नेता हैं और वे जो भी कहते हैं, वह गहरी सोच-विचार के बाद कहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हमेशा से स्पष्ट मत रहा है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सदावर्ते के अनुसार, संघ समाज में न्याय, समानता और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देने का पक्षधर रहा है और इसी सोच के अनुरूप मोहन भागवत का बयान भी है।
गुणरत्न सदावर्ते ने कहा कि वे संघ प्रमुख द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से सहमत हैं। उनके अनुसार, समाज के हर वर्ग को न्याय मिलना चाहिए और किसी के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर संतुलित और विचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है।
हालांकि, उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह मोहन भागवत के किस विशेष बयान का उल्लेख कर रहे थे। इसके बावजूद उनके इस समर्थन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सदावर्ते के बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों को लेकर व्यापक बहस चल रही है।