16 एकड़ जमीन को लेकर आदित्य ठाकरे का आरोप, मुख्यमंत्री फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग
राजनीति
Mumbai मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मुंबई की 16 एकड़ खुली जमीन के आवंटन को लेकर महाराष्ट्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। आदित्य ठाकरे का आरोप है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और म्हाडा (MHADA) के माध्यम से मुंबई की सार्वजनिक जमीन एक भाजपा एमएलसी को सौंपी जा रही है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि कुल 16 एकड़ खुली जमीन में से दो भूखंड कथित तौर पर मुफ्त में और एक बेहद कम कीमत पर आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने इसे "भूमि हड़पने" का मामला बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।
अपने बयान में ठाकरे ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। बीएमसी और म्हाडा के जरिए भाजपा द्वारा जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। यह बंद होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मुंबईकर इस शर्मनाक भूमि आवंटन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।"
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई जैसे महानगर में सार्वजनिक उपयोग की खुली जमीन का संरक्षण बेहद जरूरी है और ऐसे भूखंडों का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि सार्वजनिक संपत्ति का अनुचित तरीके से हस्तांतरण किया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा।
हालांकि, आदित्य ठाकरे के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भारतीय जनता पार्टी, बीएमसी या म्हाडा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर सरकार या संबंधित एजेंसियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।