थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर एक्शन, हुए सस्पेंड, जानिए वजह

इसके साथ ही इस मामले को लेकर गत चार दिन से चल रहा गतिरोध टूट गया है.

Update: 2021-10-18 03:49 GMT

जोधपुर. हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा एनकाउंटर केस (Lovely Kandara Encounter Case) में वाल्मीकि समाज और सियासी दबाव (Political Pressure) के बाद रातानाडा थानाप्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (Suspend) कर दिया गया है. इसके साथ ही इस मामले को लेकर गत चार दिन से चल रहा गतिरोध टूट गया है. उसके बाद परिजन शव लेने के लिये तैयार हो गये और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. एनकाउंटर केस में पुलिस पर ही कार्रवाई के बाद यह मसला सोशल मीडिया में छा गया. यूजर्स ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद पुलिस के समर्थन में सोशल मीडिया पर अभियान चला दिया और राजनीति को जमकर कोसा.

जानकारी के अनुसार हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा के एनकाउंटर के बाद उसके परिजन और वाल्मीकि समाज के लोग आक्रोशित हो गये थे. उन्होंने एनकाउंटर का फर्जी बताते हुये एनकाउंटर करने वाली टीम को तत्काल सस्पेंड करने समेत कई मांगों को लेकर शव लेने से इनकार कर दिया था. उसके बाद वाल्मीकि समाज और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्तायें हुईं. लेकिन समाज अपनी मांगों को लेकर अड़ा रहा. उसके बाद में मामले में दखल देने और वाल्मीकि समाज के समर्थन में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल शनिवार को जोधपुर पहुंचे. रविवार दोपहर बाद वाल्मीकि समाज की मांगों पर सहमति बनी. उसके बाद सरकार ने एनकाउंटर में शामिल रातानाड़ा थानाप्रभारी लीलाराम समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेड करने समेत कुछ मांगों को मान लिया.
एडीजी क्राइम रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि समझौते के तहत एनकाउंटर टीम को सस्पेंड करने के साथ ही मामले की सीआईडी सीबी से जांच कराने पर भी सहमति बनी है. इस निर्णायक वार्ता में राजेंद्र सोलंकी, एमएलए मनीषा पंवार और महापौर कुंती देवड़ा भी शामिल रही. दूसरी तरफ मामले में समझौते के तहत रातानाडा निरीक्षक लीलाराम ने निलंबित किये जाने के फैसल के बाद उन्होंने ट्वीट किया. लीलाराम के ट्वीट करते ही वह सोशल मीडिया में वायरल हो गया. सोशल मीडिया में 'एसएचओ लीलाराम टीम को बहाल करो' ट्रेंड करने लगा. उल्लेखनीय है कि लवली कंडारा का बुधवार को एनकाउंटर हुआ था. पेट में गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी.

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