युवती की निजी तस्वीरें वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-06-23 11:28 GMT
Mysuru. मैसूरु। कर्नाटक के मैसूरु जिले में एक युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी उल्लास गौड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का मानना है कि तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद उत्पन्न मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी की आशंका के चलते युवती और उसके माता-पिता ने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और गांव में भारी आक्रोश का माहौल है।
यह दुखद घटना मैसूरु जिले के टी. नरसीपुरा तालुक स्थित हालेकेम्पय्यानाहुंडी गांव में सामने आई। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय रक्षिता, उसके पिता शिवन्ना और मां नागरत्ना के रूप में हुई है। सबसे दुखद बात यह है कि रक्षिता की शादी 24 जून को होने वाली थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन शादी से ठीक पहले निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया।
पुलिस जांच के अनुसार, रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से प्रसारित किए गए थे। इसके बाद परिवार को लगातार मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा। आरोप है कि इसी अपमान और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर तीनों ने जहर खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी उल्लास गौड़ा फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मैसूरु के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालादंडी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इंस्पेक्टर धनंजय और शिवानंद शेट्टी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। कई स्थानों पर छापेमारी के बाद पुलिस ने उसे मैसूरु से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसके पास रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो कैसे पहुंचे और उन्हें वायरल करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, उल्लास गौड़ा परिवार का परिचित था और अक्सर उनके घर आता-जाता था। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर रक्षिता की शादी तुड़वाने के उद्देश्य से उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो उसके मंगेतर को भेजे थे। इसके बाद मामला तेजी से फैल गया और युवती को सामाजिक रूप से अपमानित होना पड़ा।
परिजनों का कहना है कि रक्षिता पिछले कुछ दिनों से बेहद तनाव में थी। उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या तस्वीरें और वीडियो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भी साझा किए गए थे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
इस घटना के बाद गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जताई और आरोपी की गिरफ्तारी तक शवों के पोस्टमार्टम एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को रोक दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि तस्वीरें और वीडियो सबसे पहले किस प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए और उन्हें कितने लोगों तक पहुंचाया गया। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, कर्नाटक में हाल के महीनों में आर्थिक और सामाजिक दबाव से जुड़ी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में मांड्या जिले में 65 वर्षीय गारमेंट व्यापारी प्रभाकर ने कथित रूप से अपनी पत्नी ज्योति और बेटे संतोष की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। उसने एक सुसाइड नोट में बढ़ते कर्ज और आर्थिक संकट का उल्लेख किया था।
वहीं मार्च 2026 में एक अन्य सनसनीखेज मामले में 27 वर्षीय मोहन गौड़ा ने कथित रूप से कर्ज के दबाव में अपनी मां आशा और बहन वर्षिता की हत्या कर दी थी तथा भांजे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बाद में उसने खुद भी आत्महत्या का प्रयास किया था।
मैसूरु की यह ताजा घटना एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर उत्पीड़न और निजी जानकारी के गैरकानूनी प्रसार के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निजता का उल्लंघन किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से बेहद घातक साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
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