कटनी टनल में हादसा: 30 घंटे से ज्यादा चला राहत और बचाव कार्य, 7 लोगों को निकाला गया जिंदा

Update: 2022-02-14 07:43 GMT
एमपी। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni) में नर्मदा परियोजना (Narmada Project) के तहत बरगी से बाणसागर तक अंडर ग्राउड टनल निर्माण का किया जा रहा था. जिसकी लंबाई लगभग 12 किमी बताई गई है. जिसे डाऊनस्ट्रीम मशीन करते हुए स्लीमनाबाद क्षेत्र तक पहुंचा दिया गया. इसी बीच डाऊनस्ट्रीम मशीन के कटर हेड को रिपेयर के लिए एक ओपन शॉफ्ट का काम चालू करवाया गया है. ये वही निर्माणाधीन शॉफ्ट है. जो शनिवार की देर शाम साढ़े 7 बजे की लगभग अचानक धसने लगा और कंक्रीट का एक बड़ा हिस्सा टूटकर बिखर गया. जहां निर्माण कार्य में जुटे एक सुपरवाइजर समेत 9 मजदूर मिट्टी के नीचे फंस गए. घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आलाधिकारी समेत पुलिस अधीक्षक सुनील जैन मौके पर पहुंचे. जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू करवाया गया.

जिसके शुरुआत में जिला प्रशासन ने रात 2.25 बजे तक 2 लोगो को सकुशल बाहर निकाला लिया, लेकिन जैसे ही मामला भोपाल स्तर पर जा पहुंचा तो जबलपुर से रेस्क्यू टीम बुलाई गई. वही सुबह 9 बजे के लगभग भोपाल से भी रेस्क्यू टीम की टुकड़ी आ पहुंची. और देखते ही देखते महज 12बजे तक 7लोगो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हादसे में सुपरवाइजर रवि मसालकर निवासी नागपुर और मजदूर गोरेलाल कोल सिंगरौली निवासी की जान चली गई है. हालांकि इन दोनों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही थी. टीम ने इन्हे बचाने के लिए 29 से 30 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. टीम इन दोनों को बाहर भी निकाल कर लाई, लेकिन दोनो ने बाहर आने से पहले ही अपना दम तोड दिया था.

-मलबे से निकली 7 जिंदगी, 2 ने गवाई जान – 7.45 बजे शाम दीपक, नर्मदा और मोनीदास कोल बाहर निकाले गए. – 2.25 बजे रात इंद्रमणि कोल को भी सुरक्षित निकाला गया. – 3.30 बजे विजय कोल भी निकाला गया. – सुबह 9.30 बजे रेस्क्यू टीम ने मोतीलाल कोल को खोज निकाला. – अंतिम सुरक्षित व्यक्ति नंदकुमार यादव बताया गया जिसे टीम ने लगभग 12.00 बजे के सॉफ्ट से बाहर निकाला गया. – वहीं रात 12 बजे के बाद रवि मसालकर और गोरेलाल का शव बाहर निकाला गया. जिसे पीएम के लिए जिला अस्पताल लाया भेजा गया है.

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