चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को कार्रवाई का आधार बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, निलंबन का आदेश आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव हरचंद सिंह बरसट की ओर से जारी किया गया और इसे विधायक मैसरखाना को संबोधित किया गया। कार्रवाई के साथ ही पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान चर्चा में आ गई है। मैसरखाना पंजाब के बठिंडा जिले की मौर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। अपनी ही सरकार पर उठाए थे सवाल
निलंबन से पहले शनिवार को मैसरखाना ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर अपनी ही सरकार पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्कूलों की स्थिति से संबंधित शिकायतें बार-बार उठाने के बावजूद समाधान नहीं किया गया। उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि उनकी बात उठाने के कारण पार्टी उनका टिकट काटना चाहती है तो काट सकती है।
उनके बयान के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री ने उनकी आलोचना को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। मैसरखाना पहले भी पार्टी के भीतर विवादों के कारण चर्चा में रहे हैं। जनवरी 2026 में मौर नगर परिषद के अध्यक्ष करनैल सिंह ने उन पर रिश्वत लेने और विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए थे। ये आरोप करनैल सिंह के थे; रिपोर्ट के मुताबिक उस समय विधायक ने आरोपों को निराधार बताया था। अब पार्टी की ओर से प्राथमिक सदस्यता निलंबित किए जाने के बाद मैसरखाना की आगे की राजनीतिक भूमिका पर नजर रहेगी। उपलब्ध निलंबन आदेश में कार्रवाई का कारण कथित “पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता” बताया गया है।