New Delhi. नई दिल्ली। दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक जरनैल सिंह और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक पक्ष जहां सड़क निर्माण में अनियमितता के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को लेकर अपनी सफाई दी है।
सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि तिलक नगर इलाके में लंबे समय बाद सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ था। इसको लेकर विवाद तब बढ़ा जब सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए। एक पक्ष की ओर से दावा किया गया कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी हुई है और इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि सड़क के एक अस्थायी हिस्से को आधार बनाकर आरोप लगाए जा रहे हैं।
नगर कीर्तन को लेकर डाली गई थी अस्थायी परत
दावों के अनुसार, तिलक नगर में नगर कीर्तन कार्यक्रम प्रस्तावित था। इस दौरान सड़क पर गड्ढों को देखते हुए स्थानीय लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से अस्थायी समाधान की मांग की गई थी। बताया गया कि कार्यक्रम में आने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी न हो, इसके लिए सड़क पर अस्थायी परत डलवाई गई थी। इसके बाद इसी हिस्से को लेकर विवाद सामने आया।


सड़क की गुणवत्ता जांच को लेकर आमना-सामना
विवाद के दौरान विधायक जरनैल सिंह की ओर से सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर जांच करने की बात कही गई। इसके बाद मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौके पर पहुंचे। मंत्री पक्ष की ओर से दावा किया गया कि वास्तविक रूप से बन रही सड़क की गुणवत्ता जांचने की बात कही गई थी, लेकिन विवाद अस्थायी रूप से डाली गई सड़क की परत को लेकर शुरू हुआ।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से आरोप लगाया गया कि सड़क जांच के दौरान उनके साथ मौजूद लोगों के साथ विवाद हुआ और अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी नेताओं ने मामले की जांच की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर नजर
तिलक नगर सड़क विवाद के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई और जांच पर नजर बनी हुई है। सड़क निर्माण से जुड़े दस्तावेज, गुणवत्ता जांच और दोनों पक्षों के आरोपों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल यह मामला दिल्ली की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ सामने आ रहे हैं।
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