एमसीडी टोल टैक्स टेंडर पर 'आप' का भाजपा पर 500 करोड़ के घोटाले का आरोप

घोटाला

Update: 2026-07-27 14:26 GMT
Delhi दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में सोमवार को टोल टैक्स और ईसीसी कलेक्शन टेंडर को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इसमें करीब 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। पार्टी ने मौजूदा टेंडर को तत्काल रद्द कर नई और पारदर्शी ओपन टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। एमसीडी में 'आप' की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा और स्टैंडिंग कमेटी सदस्य प्रवीण कुमार राजपूत ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया को इस तरह संचालित किया गया ताकि भाजपा से जुड़े लोगों को लाभ मिल सके। उनका कहना है कि टेंडर के लिए सात कंपनियों ने बोली लगाई थी, लेकिन 1100 करोड़ रुपये की सबसे अधिक बोली सहित चार बड़ी बोलियों को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बजाय 936 करोड़ रुपये की बोली को आगे बढ़ाया गया।
प्रवीण कुमार राजपूत ने कहा कि जब एमसीडी को 1100 करोड़ रुपये तक का राजस्व मिल सकता था, तब 936 करोड़ रुपये की बोली को स्वीकार करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक वित्तीय बोली में शामिल तीनों कंपनियां मुंबई की हैं और उनके बीच कथित रूप से कार्टेल बनाकर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग पहले ही इस संबंध में एमसीडी आयुक्त को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया नहीं रोकी गई। आम आदमी पार्टी ने मांग की कि विवादित 122 लेन से जुड़े प्रावधान को हटाकर पूरी प्रक्रिया दोबारा पारदर्शी तरीके से कराई जाए, ताकि निगम को अधिकतम राजस्व प्राप्त हो सके।
प्रीति डोगरा ने आरोप लगाया कि भाजपा एमसीडी में सत्ता में आने के बाद लगातार टेंडरों के जरिए अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व मिलने की संभावना के बावजूद कम राशि पर टेंडर स्वीकृत करना जनता के हितों के साथ समझौता है। वहीं, प्रवीण कुमार राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार टोल टैक्स टेंडर को स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष लाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और इसे रद्द नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को सदन से लेकर जनता के बीच तक जोरदार तरीके से उठाएगी।
Tags:    

Similar News

null