उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ के फन रिपब्लिक मॉल में भगवान हनुमान की 24 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अनोखी प्रतिमा का वजन लगभग 600 किलोग्राम बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे 50 हजार से अधिक ऐसे पत्थरों से तैयार किया गया है, जिन पर 'राम-राम' लिखा हुआ है। प्रतिमा अपनी विशालता और अनूठी निर्माण शैली के कारण आकर्षण का केंद्र बन गई है।
30 दिनों में 25 कारीगरों ने तैयार की प्रतिमा
इस विशाल हनुमान प्रतिमा को बनाने में लगभग 30 दिन का समय लगा। इसके निर्माण में 20 से 25 कुशल कारीगरों ने योगदान दिया। प्रत्येक पत्थर पर भगवान राम का नाम अंकित किया गया है, जिससे प्रतिमा का धार्मिक और कलात्मक महत्व बढ़ गया है।
एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने का दावा
मॉल प्रबंधन के अनुसार, यह किसी संस्थान या परिसर के भीतर स्थापित भगवान हनुमान की एशिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। प्रबंधन का दावा है कि इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। प्रतिमा के निर्माण में भगवान राम के प्रति हनुमान जी की भक्ति को विशेष रूप से दर्शाया गया है। हजारों पत्थरों पर अंकित 'राम-राम' इसे अन्य प्रतिमाओं से अलग बनाता है। लखनऊ में स्थापित यह प्रतिमा धार्मिक आस्था के साथ शिल्पकला का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है। मॉल परिसर में आने वाले लोगों के लिए यह नया आकर्षण बन सकती है।
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