नया सख्त कानून आ रहा...बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान नहीं रखने पर कटेगी सैलरी

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Update: 2026-02-27 05:16 GMT

सांकेतिक तस्वीर

हैदराबाद: तेलंगाना सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी में है. इसके तहत अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की जाएगी. सरकार आने वाले बजट सत्र में ये विधेयक पेश करेगी, जिसकी जानकारी खुद राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दी है.
गुरुवार को सीएम रेड्डी ने नव नियुक्त ग्रुप-1 और ग्रुप-2 अधिकारियों के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम के समापन सत्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा, 'इन युवा अधिकारियों को अपने माता-पिता के बलिदानों के कारण ये प्रतिष्ठित नौकरियां मिली हैं, और उन्हें अपने माता-पिता का उचित ख्याल रखना चाहिए.'
रेवंत रेड्डी ने आगे कहा, 'आगामी विधानसभा सत्र में, हम अपने माता-पिता की देखभाल करने में नाकाम होने वाले लोगों की सैलरी का 10-15 प्रतिशत काटकर, उनके माता-पिता के अकाउंट्स में जमा करने की योजना बना रहे हैं.'
इस दौरान रेवंत रेड्डी ने ये भी बताया कि राज्य सरकार के अधिकारियों को कार्यकारी शिक्षा देने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और राज्य की ओर से संचालित MCR HRD संस्थान के बीच जल्द ही एक समझौता होने जा रहा है.
उन्होंने बताया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी MCR HRD में आकर पढ़ाने के लिए सहमत हो गई है. अगर सब ठीक रहा तो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के सदस्य 2 जून को राज्य स्थापना दिवस से पहले, MCR HRD में होंगे.
रेड्डी ने अपनी स्पीच के दौरान हैदराबाद की एक कहावत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने करियर के दौरान 'गरम, नरम, बेशर्म' होते हैं. इसका मतलब ये है कि जब नौकरशाह कार्यभार संभालते हैं तो 'ऊर्जावान' होते हैं, लेकिन बाद में 'नरम' हो जाते हैं और करियर के आखिर में 'बेशर्म' हो जाते हैं. मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा, 'युवा अधिकारियों को इस कहावत को गलत साबित करना चाहिए.'
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