नई दिल्ली: विवादों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक हुई. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे. आज, दोपहर तीन बजे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निर्वाचन सदन में भारत निर्वाचन आयोग की एक बैठक हुई.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के सामने आईं. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे.
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों में वोटर रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म 6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया और वोटर लिस्ट डेटाबेस पर सेंट्रलाइज़्ड कंट्रोल से जुड़े मुद्दे शामिल थे.
आर-पार के मूड में विपक्ष
सीईसी ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगी. बैठक में इंडिया ब्लॉक के सभी प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. ममता बनर्जी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बात की थी, जबकि सीपीएम महासचिव एमए बेबी इंडिया ब्लॉक के अन्य दलों से बातचीत कर रहे थे. इसमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी शामिल होंगे.
दरअसल, सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA Bloc में पहले से चर्चा चल रही थी. चुनाव आयोग में सामने आए 'मतभेद' के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सीपीएम और टीएमसी के शीर्ष नेताओं के बीच भी बातचीत हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, सीपीएम के पत्र पर ममता बनर्जी की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी.
सूत्रों के मुताबिक, सीपीएम महासचिव एमए बेबी और एआईटीसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार दोपहर फोन पर बातचीत की थी. इस दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई थी. एमए बेबी ने अपने पत्र में INDIA Bloc प्लस की पार्टियों को एक मंच पर लाने की जरूरत बताई थी, ताकि सीईसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा सके और चुनावी सुधारों को लेकर अभियान शुरू किया जा सके. यह पत्र 23 सितंबर को भेजा गया था, जिसके जवाब में ममता बनर्जी ने अगले दिन दोपहर फोन पर बातचीत की थी.
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी और सीपीआई-एम दोनों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार और 'देश में किए जा रहे चुनावी फर्जीवाड़े' के खिलाफ बड़े स्तर पर देशव्यापी अभियान शुरू करने की जरूरत पर सहमति जताई थी. बंगाल की स्थिति पर भी बातचीत के दौरान चर्चा हुई थी.
एमए बेबी ने 23 सितंबर को INDIA Bloc के नेताओं को संयुक्त विपक्षी रणनीति को लेकर पत्र भेजा था. यह पत्र दिल्ली में टीएमसी के संसदीय दल के कार्यालय को भी भेजा गया था. इसे ममता बनर्जी के सामने रखा गया था, जिसके बाद उन्होंने अगले दिन जवाब देते हुए कहा था कि दोनों पार्टियों के नेता बातचीत कर रहे थे. ममता बनर्जी ने एमए बेबी के संयुक्त कार्रवाई के प्रस्ताव का स्वागत किया था और सभी विपक्षी दलों से अपने मतभेद अलग रखते हुए जल्द से जल्द दिल्ली में बैठक करने की जरूरत पर जोर दिया था, ताकि 'लोकतंत्र को बचाया' जा सके. उन्होंने हाल में राहुल गांधी के साथ हुई अपनी बातचीत का भी जिक्र किया था.
सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम के बीच सीपीएम महासचिव ने बीजेपी के अलावा अन्य दलों से बड़े स्तर पर समन्वय की अपील की थी. उन्होंने सभी विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर एक साथ आने और INDIA Bloc पार्टियों के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक, एमए बेबी और ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत में भी विपक्षी ताकतों को एकजुट करने और संयुक्त आंदोलन की जरूरत पर जोर दिया गया था.
इस बड़े स्तर के विचार-विमर्श के तहत आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक, बीआरएस और डीएमके को भी पत्र भेजे गए थे. सीईसी और 'चुनावी गड़बड़ियों' के खिलाफ एकजुट होने के लिए विजय की टीवीके को भी पत्र भेजा गया था.