दशहरा में 3,473 ड्रोन से बना विशाल मोर, आसमान में अद्भुत नजारा
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
मैसूर। कर्नाटक के प्रसिद्ध मैसूर दशहरा महोत्सव में इस बार आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का शानदार संगम देखने को मिला। रात के आसमान में हजारों ड्रोन ने रंग-बिरंगी रोशनी से ऐसी आकृतियां बनाईं कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। खास आकर्षण 3,473 ड्रोन की मदद से बनाई गई विशाल मोर की आकृति रही, जिसके लिए चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉर्पोरेशन (CESC) ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में उपलब्धि हासिल की।
आसमान में दिखा अद्भुत नजारा
मैसूर के बन्नीमंटप टॉर्चलाइट परेड मैदान में आयोजित ड्रोन शो में हजारों ड्रोन ने एक साथ उड़ान भरी। रंगीन एलईडी लाइटों से सुसज्जित ड्रोन ने मोर, शेर, देवी चामुंडेश्वरी और स्वर्ण अंबारी सहित विभिन्न आकृतियां बनाईं। इस प्रदर्शन में कुल 12 आकर्षक आकृतियां दिखाई गईं। आसमान में उभरती रोशनी की इन तस्वीरों ने मैसूर दशहरा महोत्सव को खास बना दिया।
सीएम डीके शिवकुमार ने की सराहना
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर ड्रोन शो की सराहना करते हुए कहा कि मैसूर दशहरा दुनिया को दिखाता है कि हमारी परंपराएं आधुनिक तकनीक को कितनी खूबसूरती से अपना सकती हैं। उन्होंने 3,473 ड्रोन से बनाई गई मोर की आकृति और CESC की गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड उपलब्धि को कर्नाटक की रचनात्मकता, संस्कृति और प्रगति का प्रतीक बताया।
संस्कृति और तकनीक का अनूठा संगम
मैसूर दशहरा कर्नाटक के प्रमुख सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल है। यहां देवी चामुंडेश्वरी की पूजा और पारंपरिक आयोजनों का विशेष महत्व है। इस वर्ष ड्रोन शो के माध्यम से परंपरा और आधुनिक तकनीक को एक साथ प्रस्तुत किया गया। आयोजन ने दिखाया कि आधुनिक तकनीक सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम बन सकती है।