भालू ने ग्रामीण पर किया हमला, 60 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल

छग

Update: 2025-09-24 16:03 GMT
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुधवार दोपहर एक भयावह घटना सामने आई, जब एक भालू ने ग्रामीण नत्थु राठिया (60) पर हमला कर दिया। यह हमला उनके खेत में हुआ, जहां वे रोज की तरह काम कर रहे थे। भालू ने अचानक हमला कर बुजुर्ग की जांघ में गंभीर चोटें पहुंचाईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और भालू अपने शावक के साथ जंगल की ओर भाग गया। जानकारी के अनुसार, घटना रायगढ़ रेंज के सपनई बीट के ग्राम बलभद्रपुर में हुई। नत्थु राठिया अक्सर अपने खेत में अकेले काम करते थे। बुधवार दोपहर खेत में हल चलाते समय पास की झाड़ियों से भालू अचानक बाहर आया और हमला कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भालू ने इस आक्रामक व्यवहार को अपनाया क्योंकि उसके शावक भी पास ही थे।

घटना की सूचना मिलते ही वन अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। परिसर रक्षक और सपनई बीट के वनकर्मी फौरन पहुंचे और घायल बुजुर्ग को तुरंत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बुजुर्ग की जांघ में गंभीर चोटें पाई और उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बुजुर्ग की स्थिति स्थिर है और उन्हें पूरी तरह से इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। अधिकारीयों ने कहा कि भालू के शावक होने की वजह से यह हमला हुआ, इसलिए जंगल के पास रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। घटना के बाद वन अमला ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने घायल बुजुर्ग को आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की है। अधिकारीयों ने कहा कि भविष्य में ऐसे घटनाओं से बचने के लिए ग्रामीणों को जंगल और भालू के संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना चेतावनी है कि जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए। वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में भालू की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल में न जाएँ और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि मानव और वन्य जीवों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव अक्सर अपने शावकों की सुरक्षा के लिए आक्रामक हो जाते हैं। इसलिए ग्रामीणों को सावधानी और सतर्कता बरतनी आवश्यक है। वन अमला और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि प्रभावित ग्रामीण और उनके परिवार को सुरक्षा और आवश्यक सहायता मिले। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने और वन्य जीवों तथा मानव निवासियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए योजना बनाई जा रही है।
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