नई दिल्ली: साइबर ठगी का एक अनोखा और हैरान कर देने वाला केस सामने आया है. जहां एक शख्स को 1 रुपये वाला नोट 45 लाख रुपये में खरीदने का वादा किया और आखिर में साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
हैदराबाद निवासी को कॉल करके उनके 1 रुपये वाले नोट को 45 लाख रुपये में खरीदने का झांसा दिया. इसके बाद विक्टिम के बैंक खाते से 7.93 लाख रुपये उड़ा लिए. पुलिस ने मामले की जांच की तो एक बड़े साइबर ठगी का खुलासा हुआ, जिसका संबंध करीब 450 केस से था. इन्होंने म्यूल अकाउंट के जरिए 60 करोड़ रुपये से लेकर 70 करोड़ रुपये तक के ट्रांजैक्शन को अंजाम दे चुके हैं.
पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की है, जिनको गिरफ्तार भी कर लिया. उनके पास से बैंक अकाउंट डिटेल्स और कई सिम कार्ड भी बरामद दिए गए हैं. आरोप हैं कि ये सिम कार्ड वे हरियाणा से ऑपरेट होने वाले साइबर ठगी के गिरोह को देते थे.
पुलिस ने बताया है कि एक विक्टिम रमेश है, जो अपने परिवार के साथ कर्नाटक से हैदराबाद आकर रहने लगा. आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे रमेश ने ड्राइवर का काम करना शुरू किया. उसका संपर्क साइबर ठगों से हुआ. इसके बाद वह स्टूडेंट, डिलिवरी पार्टनर और स्थानीय लोगों से संपर्क करता, जिसके बाद उनसे बैंक डिटेल्स और सिम कार्ड के नाम पर कमिशन देने का वादा करता.
ऐसे में वह उनके बैंक अकाउंट को आगे ट्रांसफर कर देता. ऐसे में इन बैंक खातों को बतौर म्यूल अकाउंट यूज किया जाता. पुलिस का अनुमान है कि इन म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 60 करोड़ रुपये से लेकर 70 करोड़ रुपये तक की रकम ट्रांसफर की जा चुकी है.
साइबर ठगों से बचाव के लिए जरूरी है कि फोन या मैसेज पर आंख बंद करके यकीन ना करें. अगर कोई पैसा डबल, 1 रुपये के बदले 1 हजार रुपये की कमाई, रातों-रात अमीर बनाने जैसे दावा करता है, तो उनसे सावधान रहें.
किसी भी शख्स को अपना बैंक खाता, चेक बुक, ATM कार्ड और SIM Card चलाने या ऑपरेट करने को ना दें. भले ही वह इसके बदले कमिशन, किराया या फिर मोटी रकम का वादा करें. साइबर ठग इसका मिसयूज कर सकते हैं. वे साइबर ठगी में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
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