आवारा कुत्ते ने 7 साल के बच्चे पर किया हमला, आंख और हाथ-गर्दन पर गंभीर चोटें
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Alwar. अलवर। अलवर शहर के पास जटियाना गांव में रविवार शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक 7 साल का बच्चा आवारा कुत्ते के हमले का शिकार हो गया। हमले में बच्चे के गाल, हाथ और गर्दन पर गंभीर घाव आए, जबकि उसकी आंख बाल-बाल बची। जानकारी के अनुसार, बच्चा खेत के बाहर खेल रहा था। अचानक एक आवारा कुत्ता उस पर टूट पड़ा। बच्चे के दादा हसन खान ने बताया कि जैसे ही कुत्ते ने हमला किया, पास से गुजर रही एक महिला ने लाठी से कुत्ते को भगाया। हालांकि कुत्ता तुरंत भागने के बजाय गांव में घबराया हुआ हमला करता रहा।
कुत्ते के हमले के बाद बच्चे की हालत गंभीर हो गई। उसकी आंख की स्थिति चिंता का विषय थी। परिवार और गांव वालों ने मिलकर कुत्ते को पकड़कर लाठियों से मार-मारकर खत्म कर दिया। हसन खान ने बताया कि यदि कुत्ते को तुरंत नहीं रोका जाता, तो यह और लोगों को भी काट सकता था। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। बच्चे के परिजन और ग्रामीण डर के मारे घरों में छिप गए। बच्चे को तुरंत अलवर जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर है। डॉक्टरों के अनुसार, अलवर जिला अस्पताल में औसतन हर महीने 250 से 300 डॉग और कैट बाइट के केस आते हैं, लेकिन इतनी गंभीर चोटें कम ही देखने को मिलती हैं। बच्चों पर आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे ग्रामीण और शहर के लोग सतर्क रहने लगे हैं।
दादा हसन खान ने बताया कि हमला अचानक हुआ, इसलिए बच्चा किसी तरह अपनी आंख बचा पाया। गाल पर गंभीर घाव हैं और हाथ और गर्दन पर काटने के निशान हैं। बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल था। गांववासियों का कहना है कि यह घटना पूरे इलाके के लिए चेतावनी है। आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और उनके हमले खतरनाक साबित हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। पुलिस ने भी मामले की जानकारी ली है और कहा कि आवारा जानवरों से होने वाले हमलों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षा उपाय किए जाएं। यह घटना न सिर्फ बच्चे और उसके परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए चिंता का विषय है। लोग बच्चों को बाहर खेलने के समय सतर्क रहने की सलाह देने लगे हैं। घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब आवारा जानवरों पर नियंत्रण नहीं होता, तो ये गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद सतर्कता बढ़ाने की बात कही है।