यूक्रेन में राहत सामग्री बांटने वाले एक स्कूल पर रूसी हवाई हमले में 40 लोगों की मौत हो गई. कई लोग अब भी लापता हैं. मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है. वहीं, इस हमले की इजरायल ने निंदा की है.
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है. वहीं, इस हमले की इजरायल ने निंदा की है. यूक्रेन के एक गांव में सोमवार को हुए रूसी हवाई हमले ने भारी तबाही मचाई. यहां एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरतमंदों को राहत सामग्री देने के लिए किया जा रहा था.
हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. बुधवार को भी बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा था. राहतकर्मियों को उम्मीद है कि मलबे के नीचे कोई जिंदा मिल सकता है. के जापोरिज्जिया इलाके के कोमिशुवाखा गांव में 2 नवंबर को हुआ था.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस साल आम लोगों पर हुए सबसे घातक हमलों में यह एक है. हमले के दो दिन बाद भी राहत और बचाव का काम जारी है. सैनिक और बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं.
यूक्रेन के डिफेंस सेक्टर में 900 करोड़ लगाएगा नॉर्वे, NATO देश का बड़ा ऐलानयूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचेगा US, 2.1 अरब डॉलर डील को मंजूरी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि जिस समय लोग राहत सामग्री लेने के लिए स्कूल पहुंचे थे, उसी दौरान रूसी सेना ने वहां हवाई बम गिराए. उनके मुताबिक, इसके बाद बचाव के लिए इस्तेमाल हो रही जगह पर दोबारा बमबारी की गई. यह स्कूल लंबे समय से बंद था.
इसकी वजह यह थी कि यह युद्ध के मोर्चे के काफी करीब था. हालांकि, हर सोमवार यहां लोगों को राहत सामग्री बांटी जाती थी. जरूरत पड़ने पर लोग इस इमारत में शरण भी लेते थे. यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक, मरने वालों में बचाव दल के दो सदस्य और चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.