सोनभद्र। तपिश से तड़प रहे सोनभद्र में जहां बृहस्पतिवार की दोपहर बाद राहत की बूंदे बरसीं। वहीं इस दौरान चोपन थाना क्षेत्र के सिंदुरिया में हुए वज्रपात ने जहां तीन व्यक्तियों की जान ले ली। वहीं दो लोग झुलस गए। पांचों को चोपन सीएचसी लाया गया, जहां तीन को डॉक्टरों ने भी मृत घोषित कर दिया। झुलसे दोनों व्यक्तियों को कुछ देर के उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। दूसरी घटना सिंदुरिया ग्राम पंचायत के बखरौर टोले की है। यहां हुए वज्रपात में 13 वर्षीय बालक की जान चली गई। उम्मीदवश उसे भी चोपन सीएचसी ले आया गया, जहां उसे भी डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। जानकारी पाकर पहुंची पुलिस शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई। बताते चलें कि जहां खेती-किसानी और तपिश से राहत के लिए लोगों को बारिश की बूंदो का बेसब्री से इंतजार रहता है।
वहीं सोनभद्र की एक बड़ी आबादी, बारिश की बूंदों के साथ मौत की आहट को लेकर डरी रहती है। इस बार लंबे इंतजार के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर बाद ढाई बजे के करीब बूंद बरसीं तो गर्मी और उमस से तड़प रहे लोगों ने खासी राहत महसूस की लेकिन अगले ही पल चार के मौत की मिली खबर ने पूरे जिले में हड़कंप मचा कर रख दिया। बताते हैं कि चोपन के प्रीतनगर निवासी कृष्णगोपाल सिंह पुत्र केएन सिंह और चंदन उर्फ गोलू पुत्र छोटू मिस्त्री निवासी प्रीतनगर, चोपन किसी काम से किसी काम से सिंदुरिया गांव की तरफ गए हुए थे। दोपहर दो-ढाई बजे के करीब बारिश शुरू हो गई तो उससे बचने के लिए, सिंदुरिया गांव में चोपन-सिंदुरिया मुख्य मार्ग के किनारे सब्जी की खेती के देखभाल के लिए बनाए गए मड़हे में बैठकर बातचीत करने लगे। उसी दौरान वहां सिंदुरिया निवासी अलगू भूजा 60 वर्ष पुत्र जंगली निवासी सिंदुरिया राजू तिवारी 48 वर्ष पुत्र सीताराम और आत्मा तिवारी 40 वर्ष पुत्र निवासी महलपुर भी पहुंच गए। बारिश शुरू हुए कुछ मिनट ही व्यतीत हुए थे कि गरज-तरज के बीच मड़हे पर गिरी बिजली ने पांचों को चपेट में ले लिया और सभी मौके पर ही झुलसकर गिर गए। यह देख आस-पास के लोग भागते हुए मौके पर पहुंचे और चंद किमी की दूरी पर स्थित चोपन सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने कृष्णगोपाल, चंदन और अलगू को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं राजू तिवारी ओर आत्मा तिवारी को कुछ देर के उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।