बेतिया (पश्चिम चंपारण). उत्तराखंड के नैनीताल में आफत की बारिश और भूस्खलन (Landslide in Nainital) के कारण बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया (Bettiah) के रहने वाले तीन मजदूरों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि यह तीनों नैनीताल में रहकर मजदूरी का काम करते थे. सभी मृतक बेतिया के साठी थाना क्षेत्र के बेलवा गांव के रहने वाले थे. मृतकों के नाम धुरेन्दर प्रसाद कुशवाहा, नूर आलम मियां और नबी हसन है. वहीं, इस प्राकृतिक आपदा में गांव की ही एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है

भूस्खलन में तीनों की मौत की सूचना मिलते ही मृतकों के घर में चीख-पुकार और कोहराम मच गया. गांव के तीन लोगों की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा फैल गया है. भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी के सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता बुधवार को बेलवा गांव जाएंगे और पीड़ित परिवारों से मिलेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय और जिलाधिकारी (डीएम) से बात कर मृतक प्रवासी मजदूरों के पार्थिव शरीर को सरकारी खर्च पर उनके घर पहुंचाने व पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है.गुप्ता ने कहा कि नैनीताल के माले नेताओं द्वारा मुझे इन मजदूरों के मौत की खबर दी गई. हमारी पार्टी के स्थानीय नेता पीड़ित परिवारों की मदद में लगे हुए हैं.

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा में 28 लोगों की मौत
बता दें कि नैनीताल समेत उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन हो रहा है. इस प्राकृतिक आपदा में कई मकान ढह गए हैं. अभी तक 28 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग जहां-तहां मलबे में फंसे हुए हैं. मंगलवार को नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा 18, अल्मोड़ा जिले में तीन और चंपावत व ऊधम सिंह नगर जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. नैनीताल सबसे बुरी तरह प्रभावित है, उसका संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से दूसरे दिन भी कटा रहा क्योंकि भूस्खलन से जिले की ओर जाने वाले तीन रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं.
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