Delhi दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। इसके तहत नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और राजधानी की सीमाओं पर 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। वहीं, जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में 6500 से ज्यादा जवानों, 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और सात स्तरों की बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे पहले 20 जुलाई को CJP के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर हंगामा हुआ था। उस समय प्रदर्शनकारी तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस इस बार ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने से रोकने के लिए तैयारियां कर रही है।
सुरक्षा योजना के अनुसार, जंतर-मंतर, जनपथ, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास लगभग डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र को संवेदनशील माना गया है। यहां 6500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है। इसके अलावा नई दिल्ली जिले के महत्वपूर्ण स्थानों पर ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर सात स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है। कुछ बैरिकेड्स को वेल्डिंग करके आपस में जोड़ा गया है, ताकि सुरक्षा घेरा मजबूत बना रहे। संवेदनशील स्थानों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। 
दिल्ली पुलिस ने स्थानीय लोगों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। सामुदायिक केंद्रों, मस्जिदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से नागरिकों को प्रदर्शन से संबंधित प्रतिबंधों की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पुलिस नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के होटलों तथा लॉज की जांच कर रही है। होटल संचालकों, एयरबीएनबी संचालकों और संपत्ति मालिकों से भी प्रदर्शन के उद्देश्य से आने वाले लोगों के बारे में जानकारी देने को कहा गया है।
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी तैनात किए जाएंगे, ताकि घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जा सके।
दरअसल, 2, 3 और 4 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें पुलिसकर्मियों पर एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों और वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर पुलिस ने सवाल उठाए थे।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के नाम एक खुला पत्र भी जारी किया है। इसमें पुलिसकर्मियों के प्रति मानवीय व्यवहार बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
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