Delhi दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। शिपिंग, पोर्ट्स और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में करीब 20 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जो इस अहम समुद्री मार्ग को पार करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक जहाजों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा की सूचना नहीं मिली है। साथ ही 5 एलपीजी टैंकरों में माल भरा जा चुका है, जबकि एक अन्य टैंकर में अगले 3-4 दिनों में लोडिंग पूरी हो जाएगी। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में भारत को एलपीजी और तेल की बड़ी खेप मिलने वाली है।
राजेश कुमार सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज से गुजरने के लिए भारत को किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ रहा है और इस तरह की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण पैनिक बाइंग की स्थिति देखी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रणनीतिक बदलाव भी किए हैं। अब भारत 40 से अधिक देशों से तेल और गैस का आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति जोखिम को कम किया जा सके।सरकार ने दोहराया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।