शिमला। हिमाचल प्रदेश में लापता व्यक्तियों को तलाशने के लिए पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में जनवरी से सितंबर 2026 तक लापता व्यक्तियों से जुड़े कुल 893 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1328 लोगों के लापता होने की सूचना थी। इनमें से पुलिस ने 88.7 फीसदी लोगों को तलाशने में सफलता हासिल की है, जबकि शेष 11.3 फीसदी लोगों की तलाश जारी है। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय के अनुसार लापता व्यक्तियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने, जांच में तेजी लाने और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रदेश पुलिस ने लापता व्यक्तियों से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी फील्ड इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में लापता व्यक्तियों की सूचना मिलने पर बिना किसी प्रतीक्षा अवधि के तुरंत एफआईआर दर्ज करने पर जोर दिया था, जिसमें अदालत ने कहा था कि लापता व्यक्ति की तलाश के मामले में शुरुआती समय बेहद महत्त्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस को शिकायत मिलते ही जांच और तलाशी की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती 24 घंटों के दौरान तेजी से कार्रवाई करने, विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने 6 जून 2026 को सभी फील्ड इकाइयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस ने अभिभावकों, परिजनों और आम नागरिकों से कहा है कि लापता व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।
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