10 की मौत, गायों को खिलाया गया था मृत्यु भोज का बचा हुआ भोजन
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गांव भैंसा के प्रधान जगन्नाथ सिंह का 08 मई को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनके निधन के बाद बुधवार (20 मई) को मृत्यु भोज का आयोजन किया गया, जिसमें चौरासी गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। भोज के बाद बचे पुआ व अन्य सामान शुक्रवार को गांव के बाहर स्थित सरकारी गोशाला में गोवंश को खिलाने के लिए भेज दिया गया। गोवंश ने मृत्यु भोज में बचे भोजन का सेवन कर लिया। इसके बाद रविवार को गोवंश की तबीयत बिगड़ने लगी। गोवंश के मुंह से झाग निकलने लगे और तड़प-तड़प कर दम तोड़ने लगीं। यह देख गोशाला के कर्मचारियों में खलबली मच गयी। सूचना पर ग्रामीण भी गोशाला पहुंच गए। गोवंश का हाल देख उन्होंने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी।
सूचना पर एसडीएम (सदर) आदेश कुमार, ट्रेनी आईपीएस एवं थाना प्रभारी रिफाइनरी जयविंद गुप्ता, क्षेत्रीय लेखपाल समेत कई थानों का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। वेटेरिनरी विश्वविद्यालय से चिकित्सकों की टीम बुला ली गयी। मुख्य पशु चिकत्साधिकारी डॉ. एनके शुक्ला ने बताया कि दोपहर में आठ गोवंश की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि 20 गोवंश को 10 डॉक्टरों की टीम उपचार करने में लगी हुई है।
गोशाला को खाली कराया जा रहा है। यहां से गोवंश को एम्बुलेंस के माध्यम से राल स्थित गोशाला भेजा जा रहा है l वेटेरिनरी की टीम ने सैंपिल एकत्रित किए हैं, जिनकी रिपोर्ट सोमवार तक आएगी। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को मृत्यु भोज का बचा भोजन गोशाला पहुंचाया गया था। भीषण गर्मी के कारण भोजन खराब और जहरीला हो चुका था। जैसे ही गोवंशी ने उसे खाया, उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसी वजह से कई गोवंश की मौत हुई है।