West Bengal पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव के बीच जयनगर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार बिस्वनाथ दास ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चुनाव आयोग पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होता, तो राजनीतिक दलों को स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी करने की जरूरत नहीं पड़ती।
बिस्वनाथ दास ने कहा, “अगर चुनाव आयोग का रवैया पारदर्शी और निष्पक्ष होता, तो हमें पहरा देने की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन आयोग का दृष्टिकोण तटस्थ नहीं है और आम जनता भी उसके साथ नहीं है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आयोग जिस पार्टी के लिए काम कर रहा है, उसे जनता पसंद नहीं करती।
TMC उम्मीदवार के इस बयान से चुनावी माहौल में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। विपक्षी दलों और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस तरह का सीधा आरोप चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बहस को और तेज कर सकता है।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आरोप चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं और मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इस बीच, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं और स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जा रही है।