West Bengal पश्चिम बंगाल : नई सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को बजट की सराहना करते हुए इसे राज्य की खोई हुई संस्कृति और गरिमा को वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कुल नेट आवंटन 4,38,775.29 करोड़ रुपये रखा गया है।
बजट के बाद कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में नागरिकों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस बजट में सुरक्षा, शिक्षा, कृषि और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, सिंडिकेट और अवैध वसूली पर रोक लगाने और कारीगरों व व्यापारियों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विकास के पांच प्रमुख स्तंभों—सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, संस्कृति, शिक्षा और कृषि—को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस बजट में हर वर्ग को शामिल करने की कोशिश की गई है और किसी भी वर्ग की अनदेखी नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास इस बजट पर कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है।
सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके बाद कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से लागू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केंद्र के बराबर डीए देने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है और धीरे-धीरे अंतर को कम किया जाएगा।
इसके अलावा बजट में महिलाओं के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही उच्च शिक्षा में लड़कियों की ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए अविवाहित महिला छात्राओं को एकमुश्त 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
कुल मिलाकर इस बजट को सरकार ने विकास, सामाजिक कल्याण और आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जबकि राजनीतिक स्तर पर इसे लेकर चर्चा और प्रतिक्रिया लगातार जारी है।