सुवेंदु अधिकारी समेत निलंबित विधायकों ने अपने निलंबन के खिलाफ विधानसभा परिसर में दिया धरना, हाई कोर्ट में भी मामला दायर
पढ़े पूरी खबर
कोलकाता। बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी समेत निलंबित भाजपा विधायकों ने अपने निलंबन के खिलाफ बुधवार को विधानसभा परिसर में धरना दिया। इस वर्ष मार्च में बीरभूम हिंसा को लेकर सदन में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के साथ हुई झड़प की घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सुवेंदु सहित सात भाजपा विधायकों को इस साल के पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था। वहीं, धरने के दौरान भाजपा विधायक अपने हाथों में तख्तियां भी लिए थे, जिसपर लिखा था कि अन्याय के खिलाफ उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।
उधर, भाजपा विधायकों ने अपने पार्टी सदस्यों के निलंबन का मुद्दा इस दिन सदन के भीतर भी उठाया।बाद में पार्टी के बाकी सभी विधायक भी विधानसभा के गेट पर अपने साथी निलंबित विधायकों के साथ धरने में हिस्सा लिया। इस दौरान विपक्षी भाजपा विधायकों ने ममता सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दूसरी ओर, निलंबन के खिलाफ सातों विधायकों ने कलकत्ता हाई कोर्ट में भी मामला दायर किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी। बता दें कि इससे पहले पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणियों को लेकर बंगाल के हावड़ा समेत विभिन्न जिलों में हुई हिंसक वारदातों के खिलाफ प्रदेश भाजपा इकाई ने ममता सरकार के खिलाफ कोलकाता में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन धरना दिया था। प्रदेश अध्यक्ष डा सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में कोलकाता के मेयो रोड स्थित गांधी मूर्ति के समक्ष आयोजित धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ममता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्य में हिंदुओं पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार उपद्रवियों को सह दे रही है जिसके चलते राज्य में तांडव चल रहा है।
दूसरी ओर, राज्य पुलिस ने दावा किया कि बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में मंगलवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही। हालांकि इन इलाकों में अब भी पुलिस बलों की भारी तैनाती है। उल्लेखनीय है कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद बंगाल के कुछ हिस्सों में तनाव व्याप्त हो गया था।