Bangal बंगाल। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री Sukanta Majumdar ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक सभी नामों को अनुमति दी जाएगी और किसी भी नाम को बिना प्रक्रिया के हटाया नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “कुछ नाम स्वीकृत हैं, कुछ अस्वीकृत हैं, लेकिन अस्वीकृत होने का मतलब यह नहीं है कि उनका नाम हटा दिया जाएगा। धीरे-धीरे जब न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति होगी, तो सभी मामलों की जांच की जाएगी और उसके बाद पूरक सूची जारी की जाएगी। इसलिए कुछ भी असामान्य नहीं होगा।”
सुकांत मजूमदार ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्णय पूरी तरह से Election Commission of India का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है और उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले SIR का मुद्दा राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।