कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागन में हुई दर्दनाक भगदड़ के पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भगदड़ में जान गंवाने वाले शुभम सोनकर के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय भी मौजूद थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत की भरपाई पैसे से नहीं की जा सकती, लेकिन संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना सरकार की जिम्मेदारी है।
परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुभम सोनकर के परिजनों से मुलाकात के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान की। राज्य सरकार की ओर से परिवार को 25 लाख रुपये की मदद दी गई है।इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलने की भी जानकारी सामने आई है।मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने के विषय पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
परिवार का सहारा थे शुभम सोनकर
चोरबागन भगदड़ में जान गंवाने वाले शुभम सोनकर कोलकाता के बागमारी लेन इलाके के रहने वाले थे। वे एक निजी कंपनी में काम करते थे और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।दुर्गा पूजा के दौरान शुभम अपने माता-पिता, बहन और रिश्तेदारों के साथ पंडाल देखने गए थे। इसी दौरान भगदड़ की घटना में उनकी जान चली गई।शुभम की मौत से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। परिवार में उनके माता-पिता, एक छोटा भाई और बहन हैं। छोटे भाई की पढ़ाई जारी है, जबकि बहन निजी ट्यूशन पढ़ाती हैं।
भगदड़ में 19 लोगों की हुई थी मौत
उत्तर कोलकाता के चोरबागन सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी।इस हादसे में कुल 19 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 25 अन्य घायल हुए थे। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।घटना के बाद पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। घायलों के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और इलाज का खर्च उठाने का भी ऐलान किया गया था।
मुख्यमंत्री ने हादसे को बताया मानवीय चूक
शुभम सोनकर के परिजनों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह दुर्घटना मानवीय चूक का परिणाम प्रतीत होती है।उन्होंने बताया कि हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।मुख्यमंत्री के अनुसार, जांच दल में कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि जांच की निष्पक्षता पर सवाल न उठें।उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना आवश्यक है।
तीन महीने में सामने आएगी जांच रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि विशेष जांच दल से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसे विधानसभा और मीडिया के सामने सार्वजनिक किया जाएगा।रिपोर्ट में की गई सिफारिशों को लागू करने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री ने दिया।सरकार का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल जिम्मेदारी तय करना नहीं, बल्कि भविष्य में बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
पूजा समितियों के साथ होगी विशेष बैठक
चोरबागन हादसे के बाद राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 अक्टूबर को कोलकाता, हावड़ा और विधाननगर की लगभग आठ हजार पूजा समितियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।इस बैठक में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग, आयोजन स्थलों की निगरानी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राज्य में लगभग 66 हजार दुर्गा पूजा आयोजन हुए, जिनमें से करीब 58 हजार को सरकारी सहायता मिली थी। अधिकांश स्थानों पर आयोजन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन चोरबागन की त्रासदी बेहद दुखद रही।
पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।उन्होंने शुभम सोनकर के परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी जरूरतों का ध्यान रखेगा।इस बीच चोरबागन भगदड़ की जांच जारी है। राज्य सरकार की प्राथमिकता हादसे के कारणों का पता लगाना, जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।