Siliguri सिलीगुड़ी: भाजपा विधायक शंकर घोष ने पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस मुद्दे पर चर्चा करना उचित नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।
विधायक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर केंद्र के साथ टकराव की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अक्सर केंद्र सरकार के निर्णयों के समानांतर पहल करती नजर आती है, जो संघीय ढांचे की भावना के अनुरूप नहीं है। घोष ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ‘पद्म’ सम्मान प्रदान करती है, तब राज्य सरकार ‘बंग’ सम्मान की घोषणा करती है, जिससे प्रतिस्पर्धा का संदेश जाता है।
शंकर घोष के मुताबिक, केंद्र और राज्य के बीच सहयोगात्मक संघवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यापक सहमति और सही समय का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य के विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दे फिलहाल अधिक महत्वपूर्ण हैं।
राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि भाजपा नेताओं ने घोष के बयान का समर्थन किया है। माना जा रहा है कि नामकरण का मुद्दा आगामी दिनों में राज्य की राजनीति में बहस का केंद्र बन सकता है।