पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल महंगा, मानवाधिकार परिषद ने बताया “आर्थिक आत्मघाती हमला”

Update: 2026-04-25 17:28 GMT
Islamabad इस्लामाबाद : ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में सियासी और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। पाकिस्तान की मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे आम जनता पर “आर्थिक आत्मघाती हमला” करार दिया है।
सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में 26.77 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जो शनिवार से लागू हो गई है। ऊर्जा मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और क्षेत्रीय तनाव के चलते यह फैसला लिया गया।
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि वैश्विक दबाव और आर्थिक समझौतों के कारण सरकार के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हालांकि, इस तर्क को एचआरसी ने खारिज करते हुए कहा कि बार-बार की कीमत वृद्धि आम आदमी की कमर तोड़ रही है।
मानवाधिकार परिषद ने अपने बयान में कहा कि ईंधन महंगा होने से परिवहन, दवाइयों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में तेजी आएगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग और अधिक आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। परिषद ने सरकार से इस फैसले की तुरंत समीक्षा करने और आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने
की
मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी महीने ईंधन कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिससे महंगाई पहले ही चरम पर है। ऐसे में ताजा वृद्धि ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही राहत नहीं दी गई, तो पाकिस्तान में आर्थिक असंतोष और गहरा सकता है।
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