आमता ब्लास्ट केस में NIA की छापेमारी

Update: 2026-06-24 13:57 GMT

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के आमता में हुए बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार रात को तीन अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद हुई। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और तेज हो गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असफर मिद्या और एंताजुल मिद्या के रूप में हुई है, जो हावड़ा (ग्रामीण) जिले के आमता क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। NIA के अनुसार, दोनों को इस मामले का मुख्य आरोपी माना गया है। इनके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं।

यह मामला 23 फरवरी 2022 का है, जब आमता थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बाजार इलाके में अवैध रूप से देसी बम बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक बम विस्फोट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों में जहाधर मोल्ला, मोहब्बत मोल्ला, मोइनुर रहमान और एसके महाराम शामिल थे।

घटना के कुछ समय बाद एसके महाराम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि यह बम निर्माण गतिविधि सुनियोजित थी और इसका उद्देश्य इलाके में दहशत फैलाना था।

NIA ने अप्रैल 2024 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि असफर और एंताजुल बम बनाने की पूरी गतिविधि का संचालन कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इन बमों का इस्तेमाल लोगों को डराने और क्षेत्र में आतंक फैलाने के लिए किया जा रहा था।

इस मामले में इससे पहले भी चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। अब इन दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

NIA ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि पूरे बम निर्माण नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा।

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