पर्यटन हितधारकों से मिले मंत्री शंकर घोष, होटल और होमस्टे संचालकों की समस्याओं पर हुई चर्चा
West Bengal पश्चिम बंगाल: बैगडोगरा में आयोजित पर्यटन हितधारक सम्मेलन में राज्य के मंत्री शंकर घोष ने होटल एवं होमस्टे संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और टूर ऑपरेटरों के साथ बैठक कर पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। सम्मेलन का उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख पक्षों की समस्याओं को समझना और भविष्य की आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श करना था।
मंत्री शंकर घोष ने कहा कि बैठक में पर्यटन क्षेत्र के चार प्रमुख स्तंभों—होटलियर, ट्रांसपोर्टर, टूर ऑपरेटर और होमस्टे संचालकों—से विस्तार से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में इन क्षेत्रों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा है, उन्हें समझने और उनके समाधान पर चर्चा करने के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि हितधारकों ने सरकार से भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं और सहयोग को लेकर अपने सुझाव साझा किए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक का उद्देश्य किसी प्रस्ताव को मंजूरी देना या नई योजना की घोषणा करना नहीं था, बल्कि पर्यटन क्षेत्र की जमीनी चुनौतियों को समझना और उनसे जुड़े लोगों की राय जानना था।
शंकर घोष ने कहा कि पर्यटन उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए सरकार इस क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहती है। बैठक में पर्यटन सुविधाओं के विकास, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, परिवहन व्यवस्था और होटल उद्योग की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि हितधारकों से मिले सुझावों और फीडबैक पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि पर्यटन क्षेत्र को और अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।