कोलकाता/पटना: बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग लड़के और लड़की के कथित उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे दिल दहला देने वाली घटना बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में है, वहां वह अन्याय का साधन बन जाती है। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जबकि मामले में बिहार पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जमुई में हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में इसकी चर्चा शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक घटना 19 सितंबर की शाम की है। पीड़ित लड़का और लड़की दोनों नाबालिग हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। दोनों स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। घटना के कुछ वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद पीड़ितों की पहचान की गई और जांच शुरू हुई। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के मुताबिक घटना के बाद शुरुआत में पीड़ितों की तरफ से पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर सहित अन्य जानकारियों की मदद से दोनों का पता लगाया।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर की अधिकारी कर रही हैं। वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल कई लोगों की पहचान की गई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में कार्रवाई जारी है।
मामले में पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है।
इसी बीच ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस मामले को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जोड़ा। साथ ही भाजपा शासित राज्यों को लेकर राजनीतिक टिप्पणी की। उनके बयान के बाद बिहार की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
घटना पर केवल ममता बनर्जी ही नहीं, बल्कि अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने विपक्ष की आलोचनाओं के जवाब में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के पुलिस महानिदेशक से मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने और रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इसके साथ ही पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो के प्रसार को रोकने पर भी जोर दिया गया है।
मामला नाबालिगों से जुड़ा होने के कारण सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने को लेकर भी सावधानी जरूरी है। पीड़ित नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार कानूनी समस्या पैदा कर सकता है। बिहार पुलिस ने भी ऐसी सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस भेजे गए हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार ने सार्वजनिक स्थानों पर किशोरों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पीड़ितों की सुरक्षा और उनकी पहचान गोपनीय रखना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जमुई की घटना के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल घटना को कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जोड़कर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी और एसआईटी गठन का हवाला दे रहा है। इन राजनीतिक दावों से अलग, आपराधिक मामले में आरोप और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना में शामिल बाकी लोगों की पहचान और गिरफ्तारी है। तीन गिरफ्तारियों और एसआईटी गठन के बाद जांच आगे बढ़ रही है। वहीं वायरल वीडियो के कारण शुरू हुआ विवाद अब बिहार से बाहर भी राजनीतिक मुद्दा बन गया है। ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद मामले ने महिला सुरक्षा, नाबालिगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।