कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मंदारमणि समुद्र तट पर दुर्गापूजा की छुट्टियों के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हावड़ा से घूमने आए छह दोस्तों के समूह में शामिल दो युवक समुद्र की तेज लहरों में बह गए। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि सभी छह युवक समुद्र में उतरे थे और उनमें से चार को स्थानीय बचावकर्मियों ने सुरक्षित निकाल लिया था। हालांकि, शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सामने आई नई रिपोर्ट के अनुसार, लापता दो युवकों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। इस घटना के बाद समुद्र तट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।

दुर्गापूजा की छुट्टियों में घूमने पहुंचे थे छह दोस्त

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से छह दोस्तों का एक समूह बुधवार, 21 अक्टूबर को मंदारमणि घूमने पहुंचा था। सभी युवक त्योहार की छुट्टियों के दौरान समुद्र किनारे समय बिताने के उद्देश्य से आए थे।

समूह ने मंदारमणि पहुंचकर एक होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी। गुरुवार दोपहर समुद्र तट पर नहाने के दौरान हादसा होने की जानकारी सामने आई।

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, छह युवक समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आ गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें डूबते देखा और तत्काल बचाव का प्रयास शुरू किया।

समुद्र में पानी का बहाव अधिक होने के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आईं। हालांकि, चार युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो का पता नहीं चल सका।

तेज लहरों की चपेट में आए युवक

गुरुवार दोपहर समुद्र में नहाने के दौरान अचानक तेज लहरें उठने लगीं। पानी का बहाव बढ़ने से युवक खुद को संभाल नहीं सके।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, समुद्र तट पर मौजूद स्थानीय बचावकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।

मंदारमणि में समुद्र के किनारे तैनात स्थानीय प्रशिक्षित बचावकर्मियों को नुलिया कहा जाता है। समुद्र की परिस्थितियों को समझने का अनुभव होने के कारण वे ऐसी घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इन बचावकर्मियों ने समुद्र में उतरकर युवकों को बाहर निकालने का प्रयास किया। चार लोगों को सुरक्षित बचाने की सूचना मिली, लेकिन बाकी दो युवक लापता हो गए।

एक युवक का शव बरामद, दूसरा अब भी लापता

शुक्रवार को सामने आई एक विस्तृत स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र में लापता हुए युवकों की पहचान 22 वर्षीय साहिल खान और 22 वर्षीय शाहिद खान के रूप में हुई है।

दोनों हावड़ा के बांकड़ा इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वे रिश्ते में मामा-भांजा थे और सिलाई का काम करते थे।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हादसे के समय दोनों युवक समुद्र में नहा रहे थे, जबकि उनके चार साथी होटल में मौजूद थे। यह जानकारी शुरुआती छह युवकों के समुद्र में डूबने वाली रिपोर्ट से अलग है।

बचाव अभियान के दौरान साहिल खान का शव बरामद होने की सूचना है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं शाहिद खान की तलाश जारी है।

पुलिस और बचाव दल चला रहे तलाशी अभियान

हादसे की सूचना मिलने के बाद मंदारमणि कोस्टल थाने की पुलिस और नागरिक सुरक्षा विभाग के कर्मचारी बचाव अभियान में जुट गए।

लापता युवकों की तलाश के लिए समुद्र में स्पीडबोट और गोताखोरों की सहायता ली गई। स्थानीय बचाव दल भी पुलिस के साथ लगातार तलाश कर रहा है।

समुद्र में तेज बहाव और ऊंची लहरों के कारण तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

बचावकर्मियों का प्रयास है कि समुद्र तट के आसपास और गहरे पानी वाले हिस्सों में तलाशी जारी रखी जाए, ताकि लापता युवक के बारे में जानकारी मिल सके।

परिवारों में मचा कोहराम

हादसे की जानकारी मिलते ही दोनों युवकों के परिवारों में चिंता और शोक का माहौल बन गया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के सदस्यों को दुर्घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद वे मंदारमणि के लिए रवाना हुए।

परिजनों को उम्मीद थी कि बचाव दल दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लेगा। हालांकि, एक युवक का शव मिलने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

दूसरे युवक की तलाश जारी रहने के कारण उसके परिजन लगातार बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं डूबने की घटनाएं

मंदारमणि और आसपास के दीघा समुद्र तट पर पहले भी पर्यटकों के डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सितंबर 2026 में मंदारमणि के पास समुद्र में नहाने के दौरान एक दस वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि एक नवविवाहित जोड़ा लापता हो गया था।

उस घटना के बाद भी समुद्र तट पर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों को चेतावनी देने की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी।

समुद्र में तेज ज्वार और लहरों के दौरान नहाना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर जहां पानी अचानक गहरा हो जाता है या समुद्री धाराएं तेज होती हैं, वहां दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

पर्यटकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

मंदारमणि पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने पहुंचते हैं।

समुद्र तट पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समुद्र में सुरक्षित तरीके से उतरने और तेज लहरों के दौरान सावधानी बरतने की चेतावनी दी जाती है।

इसके बावजूद समुद्र में डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

ऐसे हादसों से बचने के लिए पर्यटकों को समुद्र की स्थिति, ज्वार-भाटा और स्थानीय बचावकर्मियों की चेतावनियों का पालन करना आवश्यक है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि समुद्र में अकेले या गहरे पानी में नहीं जाना चाहिए। तेज लहरें आने पर तुरंत सुरक्षित किनारे की ओर लौटना चाहिए।

दूसरे युवक की तलाश जारी

मंदारमणि समुद्र तट पर हुए इस हादसे ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। छह दोस्तों के समूह के पर्यटन पर जाने के बाद दो युवकों के समुद्र में लापता होने की घटना से परिवारों में दुख का माहौल है।

शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार, एक युवक का शव बरामद हो चुका है और दूसरे की तलाश जारी है।

पुलिस और बचाव दल समुद्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। अब सबकी निगाहें लापता युवक की तलाश और प्रशासन की अगली जानकारी पर टिकी हैं।

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