पश्चिम बंगाल: कोलकाता के तारातला इलाके में हुए भीषण गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। दक्षिणी कोलकाता में स्थित इस निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू टीम पूरी रात अभियान में जुटी हुई है।
बचाव कार्य में सेना की ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR), विशेष कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है, ताकि मलबे के भीतर जीवित लोगों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार अब तक मलबे से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है।
हादसे में जान गंवाने वालों में विभिन्न जिलों और राज्यों के लोग शामिल हैं। मृतकों में उत्तर 24 परगना, नदिया, पूर्व बर्धमान, कृष्णनगर, मुंगेर (बिहार), आसनसोल और कोलकाता के कई क्षेत्र के लोग बताए गए हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या 11 हो गई।
राज्य प्रशासन, कोलकाता पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव, पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मलबे में दबे लोगों की पहचान और उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल टावर डेटा और अन्य तकनीकी साधनों का भी उपयोग किया जा रहा है। बचाव दल का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
इस मामले में पुलिस ने गोदाम मालिक समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।