WestBengal: Taratala Warehouse Mishap: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में हुए निर्माणाधीन गोदाम हादसे के बाद बेहरा ब्रदर्स कंपनी चर्चा के केंद्र में आ गई है। हादसे में तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बड़ा नुकसान हुआ, जिसमें कई मजदूर मलबे में दब गए। इस घटना में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है।
यह गोदाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह कोलकाता (एसएमपीके) से पट्टे पर ली गई जमीन पर बेहरा ब्रदर्स द्वारा बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि कंपनी को 6,689 वर्ग मीटर भूमि 30 साल के लिए लीज पर दी गई थी, जिसकी शुरुआत 1 अगस्त 2024 से हुई थी। इस जमीन पर गोदाम और कोल्ड स्टोरेज यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा था।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अचानक निर्माणाधीन ढांचे के गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी मशीनों और राहत दलों की मदद से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
बेहरा ब्रदर्स कंपनी चर्चा में क्यों?
हादसे के बाद बेहरा ब्रदर्स की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। यह कंपनी वर्ष 1970 में स्थापित हुई थी और मुख्य रूप से गोदाम, भंडारण और लॉजिस्टिक्स सेवाओं से जुड़ी हुई है। कंपनी चाय और अन्य उत्पादों के भंडारण तथा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में काम करती है। इसके कई बड़े ग्राहकों में पेय पदार्थ कंपनियां भी शामिल हैं।
हादसे के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। इससे मामले को लेकर और भी सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। फिलहाल यह जांच का विषय है कि क्या निर्माण के दौरान सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के बाद बचाव दल लगातार मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित फंसे हुए मजदूर को सुरक्षित निकाला जा सके।
फिलहाल पूरा मामला जांच के घेरे में है और हादसे की वजहों को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।