कोलकाता। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के नतीजे सामने आने के अगले ही दिन राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। उन पर उपचुनाव की मतगणना के दिन एक मतदान केंद्र से संबंधित कथित गलत जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत रिटर्निंग अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई है। मामला रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 से जुड़ा है, जहां मतदाताओं की संख्या और भाजपा को मिले वोटों को लेकर अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 पर कुल 772 मतदाता हैं, जबकि भाजपा को उसी बूथ पर 909 वोट मिले हैं। उन्होंने यह भी लिखा था कि हुमायूं कबीर की पार्टी को वहां केवल एक वोट मिला। इस पोस्ट के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में विवाद शुरू हो गया। मुर्शिदाबाद पुलिस जिला प्रशासन ने भी पोस्ट में दी गई जानकारी को गलत बताया था।
रेजीनगर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत
शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ रेजीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत रिटर्निंग अधिकारी की ओर से की गई है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी ने उपचुनाव की मतगणना के दौरान बूथ नंबर 109 से संबंधित गलत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।
मामला मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं की संख्या और भाजपा को मिले मतों से संबंधित है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के आधार पर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं।
इसी तरह शिकायत में किन कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है, इसका विवरण भी सामने नहीं आया है।
ऐसे में शिकायत दर्ज होने और आपराधिक मामला दर्ज होने के बीच अंतर को ध्यान में रखना आवश्यक है।
772 मतदाता और 909 वोट का दावा
विवाद की शुरुआत अभिषेक बनर्जी की शुक्रवार की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई।
पोस्ट में उन्होंने रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 का उल्लेख किया था।
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि इस बूथ पर कुल 772 मतदाता हैं, जबकि भाजपा को 909 वोट मिले।
उनके इस दावे ने मतदान और मतगणना से संबंधित आंकड़ों को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
किसी मतदान केंद्र पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या से अधिक वोट मिलने का दावा चुनावी प्रक्रिया के संदर्भ में गंभीर सवाल पैदा कर सकता है।
हालांकि, मुर्शिदाबाद पुलिस जिला प्रशासन ने पोस्ट में दी गई जानकारी को गलत बताया है।
इसलिए अभिषेक बनर्जी की पोस्ट में दिए गए आंकड़ों को आधिकारिक चुनाव परिणाम के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
हुमायूं कबीर की पार्टी का भी किया उल्लेख
अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में भाजपा के मतों के अलावा हुमायूं कबीर की पार्टी को मिले वोटों का भी उल्लेख किया था।
उन्होंने दावा किया था कि बूथ नंबर 109 पर हुमायूं कबीर की पार्टी को केवल एक वोट मिला।
इस तरह पोस्ट में अलग-अलग राजनीतिक दलों को मिले मतों की तुलना की गई थी।
हालांकि, संबंधित बूथ पर प्रत्येक उम्मीदवार या राजनीतिक दल को वास्तव में कितने मत मिले, इसकी प्रमाणित आधिकारिक तालिका उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
इसलिए बूथवार मतगणना के अंतिम आंकड़ों की पुष्टि संबंधित निर्वाचन दस्तावेजों से ही की जा सकती है।
प्रशासन ने पोस्ट की जानकारी को बताया गलत
अभिषेक बनर्जी की पोस्ट सामने आने के बाद मुर्शिदाबाद पुलिस जिला प्रशासन ने उसमें दी गई जानकारी को गलत बताया।
प्रशासन की इस प्रतिक्रिया के बाद विवाद और बढ़ गया।
इसके अगले दिन रिटर्निंग अधिकारी की ओर से रेजीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
इस घटनाक्रम में प्रशासनिक पक्ष का मुख्य आरोप सोशल मीडिया पर गलत चुनावी जानकारी प्रसारित किए जाने से संबंधित है।
हालांकि, प्रशासन ने बूथ नंबर 109 के वास्तविक आंकड़ों के संबंध में क्या विस्तृत स्पष्टीकरण दिया, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि विवादित पोस्ट में किसी दूसरे बूथ या अलग मतगणना आंकड़े का उल्लेख गलती से हुआ था या नहीं।
इन सवालों पर आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
उपचुनाव के नतीजों के बाद बढ़ा विवाद
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के नतीजे आने के अगले दिन यह शिकायत दर्ज कराई गई है।
मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों और उनके नेताओं की ओर से चुनावी आंकड़ों पर प्रतिक्रियाएं सामने आना सामान्य बात है।
हालांकि, मतगणना से जुड़े आंकड़ों की सटीकता विशेष महत्व रखती है।
किसी बूथ पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या, मतदान करने वालों की संख्या और उम्मीदवारों को मिले मत अलग-अलग चुनावी विवरण होते हैं।
इन आंकड़ों की तुलना करते समय आधिकारिक दस्तावेजों का सही संदर्भ आवश्यक है।
रेजीनगर के बूथ नंबर 109 से जुड़ा विवाद भी इसी प्रकार के आंकड़ों को लेकर सामने आया है।
चुनावी आंकड़ों की पुष्टि क्यों जरूरी?
मतदान और मतगणना से संबंधित जानकारी सार्वजनिक चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
राजनीतिक दल चुनाव परिणामों के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं और विभिन्न बूथों पर मिले मतों का विश्लेषण करते हैं।
लेकिन किसी भी मतदान केंद्र से संबंधित आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक निर्वाचन रिकॉर्ड से करना आवश्यक होता है।
विशेष रूप से जब मतदाताओं की संख्या और प्राप्त मतों के बीच असंगति का दावा किया जाता है, तो संबंधित आंकड़ों के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
अभिषेक बनर्जी की पोस्ट में भी इसी प्रकार की असंगति का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, प्रशासन ने पोस्ट में दी गई जानकारी को गलत बताया है।
अब इस मामले में वास्तविक बूथवार आंकड़े और शिकायत से संबंधित दस्तावेज विवाद को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राजनीतिक बयान और प्रशासनिक शिकायत
इस घटनाक्रम में एक ओर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की सोशल मीडिया पोस्ट है, जबकि दूसरी ओर रिटर्निंग अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत है।
दोनों पक्षों के बीच विवाद चुनावी आंकड़ों की सत्यता से संबंधित है।
अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट के माध्यम से मतगणना पर सवाल उठाया था।
वहीं प्रशासन ने उनके द्वारा साझा की गई जानकारी को गलत बताया।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
इसी तरह पुलिस की ओर से आगे की जांच या कार्रवाई के संबंध में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर
रेजीनगर थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया निर्धारित कर सकते हैं।
हालांकि, अब तक किसी गिरफ्तारी, पूछताछ के नोटिस या अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए शिकायत के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मामले में आधिकारिक चुनावी आंकड़ों और सोशल मीडिया पोस्ट की सामग्री की तुलना महत्वपूर्ण हो सकती है।
बूथ नंबर 109 को लेकर जारी है विवाद
पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 से संबंधित चुनावी आंकड़ों पर उठे सवाल अब प्रशासनिक शिकायत तक पहुंच गए हैं।
अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया था कि बूथ पर 772 मतदाता होने के बावजूद भाजपा को 909 वोट मिले।
मुर्शिदाबाद पुलिस जिला प्रशासन ने इस जानकारी को गलत बताया, जिसके बाद शनिवार को रिटर्निंग अधिकारी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई।
फिलहाल मामला सोशल मीडिया पर प्रसारित चुनावी आंकड़ों की सत्यता से जुड़ा है। संबंधित बूथ के प्रमाणित मतगणना रिकॉर्ड और शिकायत पर होने वाली आगे की कार्रवाई से ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।