मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट मंदिर में मां काली की पूजा कर दी दिवाली की शुभकामनाएं
Kolkata कोलकाता। दिवाली के शुभ अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रसिद्ध कालीघाट काली मंदिर में मां काली की आराधना की और देश व राज्यवासियों के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में उपस्थित भक्तों से मिलकर उनका उत्साह और आशीर्वाद स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंदिर परिसर में दिव्य रोशनी और पारंपरिक दीपों के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां काली के समक्ष दीप जलाकर और फूल अर्पित करके राज्य और देश की सुरक्षा, विकास और खुशहाली की प्रार्थना की। ममता बनर्जी ने भक्तों को दिवाली की शुभकामनाएं दी और कहा कि त्योहार सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लेकर आए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भक्तों के साथ संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “मां काली हमें शक्ति और साहस देती हैं। इस दिवाली पर हम सब एकजुट होकर खुशहाली और भाईचारे का संदेश फैलाएं। दीपावली का त्योहार केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति का प्रतीक भी है। कालीघाट मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जिन्होंने ममता बनर्जी के साथ फोटो खिंचवाने और आशीर्वाद लेने का अवसर लिया। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए, ताकि पूजा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मुख्यमंत्री ने पूजा के बाद स्थानीय लोगों और भक्तों के साथ मिठाइयां भी बांटी और उनसे दिवाली की खुशियों को साझा किया। ममता बनर्जी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी नागरिक सुरक्षित और आनंदपूर्वक त्योहार मना सकें। कालीघाट काली मंदिर में आयोजित पूजा कार्यक्रम में धार्मिक संगीत और भजन की प्रस्तुति भी शामिल थी। मंदिर परिसर को दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे भक्तों और पर्यटकों ने दिवाली का वास्तविक अनुभव लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम उनके जनता के साथ जुड़ाव और लोक जीवन में भागीदारी को दर्शाता है। यह दिवाली के अवसर पर लोगों को प्रेरित करने और उनके बीच भाईचारे का संदेश फैलाने का भी एक अवसर था। ममता बनर्जी ने पूजा के दौरान कहा कि राज्य सरकार हमेशा धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों को सांस्कृतिक और पारंपरिक तरीके से मनाएं और समाज में सुख-शांति और सद्भाव बनाए रखें।
इस तरह कोलकाता में दिवाली के अवसर पर कालीघाट मंदिर में मुख्यमंत्री की पूजा ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को जीवित रखा। यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पूरे राज्य के नागरिकों के लिए उत्साह और प्रेरणा का स्रोत रहा।