पश्चिम बंगाल : 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े हत्या के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर इलाके के घोषपारा से झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया। झरना मिस्त्री इस मामले में सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। उसे मामले में घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender (PO) घोषित किया गया था। आरोपी महिला वर्ष 2021 में मामला दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रही थी।
CBI के मुताबिक, झरना मिस्त्री ने FIR दर्ज होने के बाद से न तो जांच में हिस्सा लिया और न ही मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल में शामिल हुई। लगातार फरार रहने के कारण जांच एजेंसी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसे पकड़ने के लिए CBI ने 50 हजार रुपये के नकद इनाम की भी घोषणा की थी। करीब पांच साल तक फरार रहने के बाद आखिरकार एजेंसी ने उसका पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सामने आई हिंसा की घटनाओं से जुड़ा है। चुनाव के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा के कई मामले सामने आए थे। इन्हीं मामलों में से एक हत्या के प्रकरण की जांच CBI को सौंपी गई थी। इस मामले में झरना मिस्त्री का नाम आरोपी के रूप में सामने आया था।
मामले की शुरुआत उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से हुई थी। पुलिस स्टेशन में 3 मई 2021 को FIR नंबर 345/2021 दर्ज की गई थी। बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 19 अगस्त 2021 को पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों को लेकर आदेश जारी किया था। इसी आदेश का पालन करते हुए CBI ने जगतदल पुलिस स्टेशन में दर्ज इस FIR को अपने हाथ में लिया। इसके बाद एजेंसी ने 27 अगस्त 2021 को अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
CBI ने जांच के दौरान मामले से जुड़े आरोपियों की भूमिका की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान झरना मिस्त्री और उसके पति संजय मिस्त्री का नाम भी मामले में सामने आया। जांच एजेंसी के अनुसार झरना FIR दर्ज होने के बाद से ही फरार थी। उसने जांच अधिकारियों के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखा और ट्रायल में भी हिस्सा नहीं लिया।
लंबे समय तक आरोपी महिला का पता नहीं चलने के बाद उसे घोषित अपराधी करार दिया गया। इसके साथ ही उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए CBI ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। एजेंसी लगातार उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाती रही।
मंगलवार को CBI को झरना मिस्त्री के दक्षिण 24 परगना जिले में मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद एजेंसी की टीम ने संतोषपुर इलाके के घोषपारा में कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में लंबे समय से जारी उसकी फरारी समाप्त हो गई।
झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। CBI उससे पूछताछ कर सकती है और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वर्ष 2021 के बाद से वह कहां-कहां रही और इस दौरान किन लोगों के संपर्क में थी। इसके अलावा मामले की जांच और ट्रायल से दूर रहने के कारणों को लेकर भी उससे सवाल किए जा सकते हैं।
एजेंसी के लिए झरना की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय से जांच में शामिल नहीं हुई थी। मामले में उसकी कथित भूमिका से जुड़े पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी मामले से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और अन्य आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर उससे पूछताछ आगे बढ़ा सकती है।
CBI की जांच का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2021 में हुई घटना से जुड़े घटनाक्रम और इसमें शामिल आरोपियों की भूमिका का पता लगाना है। चूंकि मामला हत्या और चुनाव बाद हुई हिंसा से संबंधित है, इसलिए इसकी जांच लंबे समय से जारी है। अदालत के आदेश के बाद CBI ने जांच अपने हाथ में लेकर मामले की अलग-अलग कड़ियों को खंगालना शुरू किया था।
झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। करीब पांच साल तक फरार रहने और जांच तथा ट्रायल में शामिल नहीं होने के बाद उसका पकड़ा जाना CBI के लिए अहम है। अब एजेंसी उसके खिलाफ उपलब्ध सबूतों और मामले से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल झरना मिस्त्री के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। मामले में अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। CBI की जांच भी आगे जारी रहेगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।