कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान भाजपा नेताओं ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखे आरोप लगाए। एक भाजपा मंत्री ने विपक्षी गठबंधन से जुड़े लोगों के लिए 'कॉकरोच' जैसे आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि ये ताकतें भारत की प्रगति रोकना चाहती हैं।पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए विपक्ष पर देश के विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों का आरोप लगाया। हालांकि, विपक्षी दल इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं।कोलकाता में आयोजित इस कार्यक्रम को दिल्ली में एक दिन पहले हुई INDIA गठबंधन की रैली के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।
'ये कॉकरोच भारत की गति रोकना चाहते हैं'
पदयात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के मंत्री अजय कुमार पोद्दार ने विपक्षी INDIA गठबंधन को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें और विपक्षी दल भारत की विकास यात्रा को बाधित करने के उद्देश्य से एकजुट हो रहे हैं।पोद्दार ने विपक्षी गठबंधन से जुड़े लोगों के लिए 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल करते हुए दावा किया कि उनका उद्देश्य भारत की प्रगति रोकना है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश जिस दिशा में आगे बढ़ा है, उसे विपक्ष स्वीकार नहीं कर पा रहा है।मंत्री ने विपक्षी ताकतों को राष्ट्रविरोधी भी बताया। हालांकि, विदेशी शक्तियों और विपक्ष के बीच कथित गठजोड़ के समर्थन में उनके बयान में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी निशाना
मार्च के दौरान मंत्री अर्जुन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की।उन्होंने ममता बनर्जी के हालिया बयानों को लेकर कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं चल रही हैं, इसलिए वे लगातार विरोधियों पर निशाना साध रही हैं।अर्जुन सिंह ने राहुल गांधी पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं के एकजुट होने से भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।उनके इन बयानों ने
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
को और तेज कर दिया। हालांकि, यह नेताओं की अपनी राजनीतिक राय है, न कि चुनावी परिणामों का कोई प्रमाणित आकलन।
भाजपा विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा विधायक देवाशीष धर ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश की संवैधानिक व्यवस्था और आंतरिक तथा बाहरी सुरक्षा को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।धर ने विपक्ष पर कथित अदृश्य शक्ति संरचनाओं के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने अभियान के माध्यम से जनता तक अपना संदेश पहुंचाती रहेगी।उनके अनुसार, पार्टी को पदयात्रा में लोगों का समर्थन मिल रहा है और आने वाले दिनों में भी जनसंपर्क कार्यक्रम जारी रहेंगे।विधायक ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा पुलिस और जांच एजेंसियों को लेकर की गई टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच होना स्वाभाविक प्रक्रिया है और संबंधित लोगों को जांच में सहयोग करना चाहिए।
कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतल्ला तक निकली पदयात्रा
भाजपा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, कोलकाता में पदयात्रा कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतल्ला तक जानी थी। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस मार्च में पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी की योजना बनाई गई थी।पदयात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज भी दिखाई दिए। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के समर्थन और विपक्ष के आरोपों के जवाब में आयोजित जनसंपर्क अभियान बताया।पार्टी नेतृत्व का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए वह जनता तक सीधे पहुंचना चाहती है।
दिल्ली की INDIA गठबंधन रैली के बाद भाजपा का जवाब
कोलकाता की पदयात्रा से एक दिन पहले रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने रैली आयोजित की थी।इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेताओं ने चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए थे।विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बदलाव की प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आवश्यक है और विपक्ष इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैला रहा है।दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, आपत्तियों के निपटारे तथा चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस जारी है।
देशभर में अभियान चला रही भाजपा
भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत देश के विभिन्न राज्यों में पदयात्राएं और जनसभाएं आयोजित करने की योजना बनाई है।राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को बिहार के भागलपुर में भी पदयात्रा का नेतृत्व किया। इसके बाद कोलकाता में कार्यक्रम आयोजित किया गया।पार्टी ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। अभियान में केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की भागीदारी रखी गई है।भाजपा का उद्देश्य विपक्ष के 'वोट चोरी' संबंधी आरोपों का जवाब देना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपना पक्ष सामने रखना है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
कोलकाता में भाजपा की पदयात्रा के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेताओं ने जहां विपक्षी दलों की नीतियों और बयानों की आलोचना की, वहीं INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठा रहा है।इस पूरे घटनाक्रम में अजय कुमार पोद्दार की 'कॉकरोच' टिप्पणी विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक बहस की मर्यादा को लेकर भी सवाल खड़े करता है।फिलहाल भाजपा अपने देशव्यापी अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष मतदाता अधिकारों और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है।आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की जनसभाओं और पदयात्राओं के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।
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