Bengal आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश, चैट में मिली जंतर-मंतर पर उपद्रव की योजना
पश्चिम बंगाल : पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़ी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। अर्पिता सरकार को इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। STF के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और संवेदनशील जानकारियां जुटाने की कोशिश में सक्रिय था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मॉड्यूल का मकसद राजनीतिक नेताओं और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाकर उनकी निजी और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हासिल करना था। STF इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन जानकारियों का इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
STF के अधिकारियों के मुताबिक, बर्धमान से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद हमीम मंडल को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश मिल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान माहौल खराब करने की योजना बना रहा था।
आरोप है कि हमीम मंडल को पुलिस की वर्दी खरीदकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने और वहां गड़बड़ी फैलाने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी दावा कर रही हैं कि आरोपी को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और काफिले से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था।
STF के अनुसार, अर्पिता सरकार सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क बनाने में सक्रिय थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों और अधिकारियों के साथ संबंध बनाने की कोशिश करती थी और उनके बारे में निजी जानकारियां जुटाने में मदद करती थी।
अधिकारियों ने बताया कि अर्पिता को बर्धमान कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 दिनों की STF हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच में यह भी पता चला है कि हमीम मंडल और अर्पिता सरकार एक-दूसरे को करीब चार साल से जानते थे। पिछले कुछ महीनों में दोनों के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स के संपर्क में आने की बात सामने आई है। STF के अनुसार, दोनों को अबीर जट333, उजैर, राणा और हमाद जैसे नामों वाले ऑनलाइन अकाउंट्स से निर्देश मिलने की आशंका है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इन कथित हैंडलर्स के संबंध पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क से होने की जांच की जा रही है। बातचीत के लिए सामान्य मैसेजिंग ऐप के अलावा कई एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें व्हाट्सऐप, टेलीग्राम के साथ Element X और Session जैसे ऐप शामिल हैं।
STF को आरोपियों के पास से विदेशी सिम कार्ड भी बरामद होने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सिम कार्ड ब्रिटेन और मैक्सिको से जारी किए गए थे। इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। STF अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी संपर्कों और संभावित योजनाओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क की पहुंच कितनी बड़ी थी और क्या इसके तार देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हुए हैं। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय मानते हुए जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।