कोलकाता में आंगनवाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन, मानदेय बढ़ोतरी और स्थायी नियुक्ति की मांग

Update: 2026-01-20 14:35 GMT
Kolkata कोलकाता। पश्चिम बंगाल आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले सैकड़ों आंगनवाड़ी कर्मियों और सहायिकाओं ने मंगलवार को कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबे समय से लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रही आंगनवाड़ी वर्कर्स का कहना है कि वे वर्षों से बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं, जबकि उन पर बच्चों के पोषण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं और नवजातों की देखभाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे उनका परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
यूनियन ने यह भी मांग की कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पूरा लाभ मिले। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कोविड काल से लेकर अब तक उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर की तरह काम किया, लेकिन इसके बावजूद न तो सम्मान मिला और न ही आर्थिक सुरक्षा।
प्रदर्शन के दौरान कई आंगनवाड़ी कर्मियों ने बताया कि उन्हें समय पर मानदेय का भुगतान भी नहीं होता है। कई महीनों तक भुगतान
लंबित
रहने से उन्हें कर्ज लेने या निजी खर्चों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यूनियन का आरोप है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। यूनियन प्रतिनिधियों ने KMC अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंगनवाड़ी यूनियन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि आंगनवाड़ी कर्मियों के बिना महिला एवं बाल विकास योजनाओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती, ऐसे में सरकार को उनके योगदान को गंभीरता से समझते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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