कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने शनिवार को आरोप लगाया कि हुगली जिले के श्रीरामपुर में उनकी कार पर अंडे फेंके गए और लोगों के एक समूह ने वाहन पर हमला किया। घोष के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब वह TMC प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। घटना को लेकर घोष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।कुणाल घोष ने दावा किया कि श्रीरामपुर में रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार पर अंडे फेंकने के साथ वाहन पर हमला भी किया गया। घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब कुणाल घोष ने अपने ऊपर अंडे फेंके जाने की शिकायत की है। जून 2026 में कोलकाता के कालीघाट इलाके में ममता बनर्जी के आवास के बाहर भी उन पर अंडा फेंका गया था। उस घटना के बाद घोष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था।जून की घटना में घोष पार्टी की एक बैठक के बाद ममता बनर्जी के आवास से बाहर निकले थे। मीडिया से बातचीत के दौरान एक युवक ने उनकी तरफ अंडा फेंका था। घोष ने उस समय कहा था कि उन्होंने अंतिम समय में अपना चेहरा घुमा लिया था, जिससे उनकी आंख में चोट लगने से बच गई।
अब श्रीरामपुर में सामने आई घटना ने एक बार फिर TMC नेताओं को निशाना बनाए जाने के आरोपों को चर्चा में ला दिया है। घोष शनिवार को ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी कार पर अंडे फेंके जाने और समूह द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया।घटना पूर्व IPS अधिकारी और TMC नेता हुमायूं कबीर की ओर से लगाए गए हमले के आरोप के कुछ दिनों बाद सामने आई है। कबीर ने दावा किया था कि बुधवार को कोलकाता के पूर्व जादवपुर पुलिस स्टेशन के बाहर लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया।
कबीर के मुताबिक, करीब 30 से 35 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि हमले में उनकी गर्दन में गंभीर चोट आई। घटना के बाद उन्हें पुलिस की गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।कबीर ने घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि पुलिस स्टेशन के बाहर ही उन पर हमला हुआ। हालांकि इस मामले में हमले की परिस्थितियों, हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण होगी।
दोनों घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विरोध की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।कुणाल घोष के साथ जून में हुई घटना के बाद भी राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था। उस समय TMC नेताओं ने भाजपा समर्थकों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया था। दूसरी तरफ अंडा फेंकने वाले एक युवक ने मीडिया से कहा था कि उसने घोष के प्रति अपने विरोध के कारण ऐसा किया। पुलिस ने बाद में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की थी।
शनिवार को श्रीरामपुर में हुई कथित घटना को लेकर घोष ने कहा कि उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के समय वह ममता बनर्जी की रैली में जा रहे थे। कार पर अंडे फेंकने के अलावा वाहन पर हमला किए जाने के उनके दावे के बाद मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।वहीं हुमायूं कबीर के कथित हमले का मामला भी चर्चा में बना हुआ है। पूर्व IPS अधिकारी रहे कबीर के अनुसार, हमलावरों की संख्या करीब 30 से 35 थी। उन्होंने गर्दन में गंभीर चोट लगने का दावा किया और कहा कि पुलिस वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। सार्वजनिक रैलियों, बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के कारण पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।किसी नेता पर हमला या हिंसक विरोध कानून-व्यवस्था का विषय भी बनता है। ऐसे मामलों में घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकता है कि घटनाक्रम किस तरह हुआ और इसमें कौन लोग शामिल थे।
कुणाल घोष TMC के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी का पक्ष लगातार रखते रहे हैं। जून में उन पर अंडा फेंके जाने की घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। इसके बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।अब श्रीरामपुर में उनकी कार पर कथित हमले की घटना ने एक बार फिर उन्हें लेकर सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। घोष ने दावा किया है कि लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया और अंडे फेंके।
दूसरी तरफ हुमायूं कबीर ने भी कुछ दिन पहले अपने ऊपर भीड़ द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया था। इन दोनों घटनाओं में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित पुलिस अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी से आगे की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।फिलहाल कुणाल घोष की ओर से श्रीरामपुर में उनकी कार पर अंडे फेंके जाने और हमला किए जाने का दावा किया गया है। घटना के समय वह ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले हुमायूं कबीर की ओर से लगाए गए हमले के आरोप के बाद यह दूसरी घटना है, जिसने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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