उत्तराखंड अनुपूरक बजट: धान-गेहूं खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित
देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की है। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार, 27 अक्टूबर को विधानसभा में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसमें कृषि उपज की खरीद, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल शिक्षा, खेल सुविधाओं और पोषण कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पेयजल, सड़कों और स्थानीय निकायों के लिए भी व्यवस्था की गई है।
अनुपूरक बजट में 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद में प्रस्तावित हैं। मार्च में स्वीकृत 1,11,703.21 करोड़ रुपये के मूल बजट में यह राशि जोड़ने पर कुल बजट का आकार 1,19,547.39 करोड़ रुपये होगा। अतिरिक्त प्रावधानों का उद्देश्य चालू वित्तीय वर्ष में योजनाओं और विकास कार्यों की वित्तीय जरूरतें पूरी करना है। बजट में धनराशि प्रस्तावित होना और उसका वास्तविक खर्च अलग चरण हैं; योजनाओं का असर क्रियान्वयन तथा लाभार्थियों तक पहुंच पर निर्भर करेगा।
किसानों से धान-गेहूं की खरीद के लिए बड़ा प्रावधान
कृषि क्षेत्र के प्रमुख प्रावधानों में अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के लिए 70 करोड़, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के लिए 35 करोड़ और सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। किसान पेंशन, गोसदन और मौनपालन नीति से जुड़ी अन्य मदों में भी धनराशि रखी गई है। दैनिक जागरण के वर्गीकरण के अनुसार, किसान संबंधी चिह्नित मदों का कुल प्रावधान 1,244 करोड़ रुपये है।
इन प्रावधानों में उपज खरीद के साथ खेती से जुड़े दूसरे आर्थिक अवसरों पर भी ध्यान दिया गया है। ट्राउट मछली पालन को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 28 करोड़ रुपये और किसान पेंशन योजना के लिए नौ करोड़ रुपये की व्यवस्था बताई गई है। खाद्य प्रसंस्करण के लिए अतिरिक्त धनराशि कृषि उत्पादों से जुड़े उद्यमों को सहायता देने का माध्यम बन सकती है। हालांकि, पात्रता, आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया संबंधित योजनाओं के नियमों के अनुसार होगी; बजट घोषणा से प्रत्येक किसान को सीधे समान राशि नहीं मिलेगी।
पेंशन और उपचार के लिए अतिरिक्त सहायता
सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये और निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 27 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। महिलाओं से जुड़े प्रावधानों में भोजन माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण अभियान के लिए 60 करोड़ और चंपावत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये शामिल हैं। विधवा पेंशन सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण, दोनों से जुड़ी है, इसलिए इन वर्गों की राशियां जोड़ते समय दोहरी गणना से बचना होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए भी 125 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े कार्यों के लिए करीब 160 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है। इस तरह बजट में उपचार योजनाओं के साथ स्वास्थ्य ढांचे को भी अतिरिक्त संसाधन देने की कोशिश है। अलग-अलग योजनाओं की लाभार्थी श्रेणियां भिन्न हैं; कर्मचारियों की चिकित्सा योजना और आम पात्र परिवारों की आयुष्मान सुविधा को एक ही योजना नहीं समझना चाहिए।
युवाओं के लिए पढ़ाई, कोचिंग और खेल
शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयी और उच्च शिक्षा क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के अंतर्गत नीट, जेईई और क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था बताई गई है। खेल विश्वविद्यालय के लिए करीब 35 करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के पुरस्कारों के लिए 15 करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और अन्य खेल सुविधाओं के लिए भी अतिरिक्त प्रावधान हैं।
स्थानीय निकायों और पेयजल को भी धनराशि
छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत स्थानीय निकायों को राज्य के कर राजस्व में मिलने वाला हिस्सा 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने के लिए 721 करोड़ रुपये का प्रावधान है। जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के लंबित भुगतान के लिए 300 करोड़ और गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू पोषित परियोजना के लिए करीब 110 करोड़ रुपये तथा शहरी विकास की एडीबी योजनाओं के लिए करीब 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
अवसंरचना विकास के लिए केंद्र की विशेष सहायता से 500 करोड़ रुपये, हरिद्वार कुंभ की तैयारियों के लिए 290 करोड़ और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था है। नई स्टेट डेटा सेंटर परियोजना के लिए 40 करोड़ और नंदा राजजात के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित हैं। ये प्रावधान जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ निर्माण कार्यों और बड़े आयोजनों की जरूरतों को संबोधित करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अनुपूरक बजट को विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार के अनुसार, इसमें वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है। किसान, महिला, युवा और कमजोर वर्गों से जुड़ी घोषणाओं की उपयोगिता अब समयबद्ध स्वीकृति, धनराशि जारी होने और सेवाओं के विस्तार से आंकी जाएगी। लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना और पात्रता शर्तें देखनी होंगी।