Uttarakhand : मॉनसून की उल्टी गिनती शुरू, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
Uttarakhand उत्तराखंड : मॉनसून अब सक्रिय चरण में प्रवेश कर रहा है और इसके चलते मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। प्रदेश में अगले 48 घंटे के भीतर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को तेज कर दिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है। खासकर पौड़ी सहित तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों तक बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है और कई पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना भी बनी हुई है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है।
राज्य में संभावित आपदा स्थितियों से निपटने के लिए गढ़वाल आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार 2 जुलाई को पूरे राज्य में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके। इस मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन टीमों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका का मूल्यांकन किया जाएगा।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा है कि भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, बिजली आपूर्ति बाधित होना और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में सभी जिलों को पहले से तैयारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए।
प्रशासन की ओर से सभी आपदा प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है। राहत और बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। किसी भी स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मॉनसून की दस्तक के साथ ही राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर भूस्खलन और सड़क अवरोध की समस्या बढ़ जाती है। इस बार भी मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है। सड़क निर्माण एजेंसियों और आपदा राहत टीमों को भी अलर्ट किया गया है ताकि किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।
राज्य सरकार का कहना है कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर समन्वय बढ़ाया जा रहा है। सभी जिलों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मॉनसून की शुरुआत के साथ ही बारिश का पैटर्न अस्थिर दिखाई दे रहा है, जिससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में जोखिम भी बढ़ जाता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मॉनसून की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। भारी बारिश के अलर्ट के बीच प्रशासन ने मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को तेज कर दिया है, ताकि किसी भी स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।