थार और स्कॉर्पियो समेत SUV पर परिवहन विभाग की सख्ती

Update: 2026-08-05 10:44 GMT

हल्द्वानी। परिवहन विभाग ने मंगलवार से एसयूवी वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। थार, स्कॉर्पियो और अन्य बड़ी गाड़ियों में काली फिल्म, हाई डेंसिटी लाइट और अनाधिकृत बदलावों की शिकायतों के बाद विभाग ने सड़कों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीमों ने हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर और काशीपुर क्षेत्रों में वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने उन गाड़ियों को विशेष रूप से रोका, जिनमें शीशों पर काली फिल्म लगी थी या जिन पर ऐसी लाइटें लगाई गई थीं जो यातायात नियमों के अनुरूप नहीं थीं।

चेकिंग के दौरान कई वाहन चालकों ने कार्रवाई से बचने की कोशिश की। कुछ लोगों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश की तो कुछ ने खुद को विभाग या किसी अन्य संस्था से जुड़ा बताकर वाहन छोड़ने का दबाव बनाया। हालांकि, अधिकारियों ने किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया और नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखी।

परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर ही कई वाहनों से काली फिल्म हटवाई। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान भी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आरटीओ डॉ. गुरदेव सिंह के निर्देश पर यह तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बड़ी एसयूवी गाड़ियों में काली फिल्म, तेज रोशनी वाली लाइटें और अन्य अवैध बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

परिवहन अधिकारियों के अनुसार, गाड़ियों के शीशों पर नियमों के विरुद्ध काली फिल्म लगाने से वाहन के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। वहीं, तेज रोशनी वाली अनाधिकृत लाइटें सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर असर डाल सकती हैं, जिससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान वाहन के दस्तावेज, फिटनेस, नंबर प्लेट, लाइट और अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह के अनधिकृत बदलाव न करें। विभाग का कहना है कि यातायात नियमों का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बड़ी गाड़ियों में तेज रोशनी वाली लाइटें और काली फिल्म के इस्तेमाल से आम वाहन चालकों को परेशानी होती है। ऐसे अभियानों से सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सकती है।

विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रह सकती है। तीन दिवसीय अभियान के दौरान अधिक से अधिक वाहनों की जांच कर नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है।

परिवहन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या वाहन को नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा और उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।

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