गंगा में फिर शुरू हुआ राफ्टिंग का रोमांच, 300 से अधिक गाइड पोर्टल पर पंजीकृत
ऋषिकेश। गंगा में रिवर राफ्टिंग का रोमांच गुरुवार से एक बार फिर शुरू हो गया है। वर्षाकाल के दौरान सुरक्षा कारणों से बंद रहने वाली राफ्टिंग गतिविधियों की शुरुआत होने के साथ ही ऋषिकेश में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह है। कौड़ियाला से शिवपुरी सहित निर्धारित राफ्टिंग क्षेत्रों में पर्यटक अब गंगा की लहरों के बीच रोमांच का आनंद ले सकेंगे। इस बार राफ्टिंग को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने टूरिस्ट गाइड पोर्टल की व्यवस्था भी की है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से बनाए गए टूरिस्ट गाइड पोर्टल पर प्रशिक्षित रिवर राफ्टिंग गाइड का पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक 300 से अधिक राफ्टिंग गाइड इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं। इसका उद्देश्य राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रशिक्षित और अधिकृत गाइड से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना है।
ऋषिकेश देश में रिवर राफ्टिंग के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। हर साल देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। गंगा में राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण रखता है। राफ्टिंग सीजन शुरू होने के बाद अब आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
वर्षाकाल में गंगा का जलस्तर बढ़ने और नदी का प्रवाह तेज होने के कारण राफ्टिंग गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं। मानसून समाप्त होने और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद संबंधित विभागों की अनुमति से दोबारा राफ्टिंग शुरू की जाती है। इस बार भी सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नए सीजन की शुरुआत की गई है।
राफ्टिंग सीजन का विधिवत शुभारंभ बुधवार को किया गया था। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से शिवपुरी में इसके लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राफ्टिंग कंपनियों को औपचारिक रूप से राफ्टिंग लाइसेंस वितरित किए गए। हालांकि शुभारंभ के पहले दिन पर्यटकों को लेकर कोई राफ्ट गंगा में नहीं उतरी।
गुरुवार से पर्यटकों के लिए राफ्टिंग गतिविधियां शुरू हो गईं। नए सीजन के साथ राफ्टिंग कंपनियों और गाइडों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, हेलमेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राफ्टिंग के दौरान प्रशिक्षित गाइड की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। नदी के तेज बहाव, रैपिड और अन्य परिस्थितियों से निपटने के लिए गाइड का प्रशिक्षित होना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विकास परिषद ने पंजीकरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टूरिस्ट गाइड पोर्टल तैयार किया है।
इस पोर्टल पर प्रशिक्षित गाइडों का पंजीकरण होने से उनकी पहचान और योग्यता से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड में रहेगी। अब तक 300 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड पंजीकृत हो चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में राफ्टिंग पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां बड़ी संख्या में राफ्टिंग कंपनियां, कैंप, होटल, होमस्टे, रेस्तरां और अन्य पर्यटन व्यवसाय इस गतिविधि से जुड़े हुए हैं। सीजन शुरू होने के बाद इन व्यवसायों में भी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
कौड़ियाला और शिवपुरी क्षेत्र गंगा में रिवर राफ्टिंग के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। अलग-अलग दूरी और कठिनाई के अनुसार पर्यटक विभिन्न राफ्टिंग रूट चुनते हैं। साहसिक पर्यटन पसंद करने वाले लोगों के लिए ऋषिकेश लंबे समय से प्रमुख गंतव्य बना हुआ है।
देश-विदेश से आने वाले पर्यटक राफ्टिंग के अलावा ऋषिकेश में योग, आध्यात्मिक पर्यटन और अन्य साहसिक गतिविधियों का भी आनंद लेते हैं। राफ्टिंग सीजन शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
पर्यटन विभाग का जोर इस बार राफ्टिंग को सुरक्षित तरीके से संचालित करने पर है। इसके लिए प्रशिक्षित गाइड, पंजीकृत राफ्टिंग कंपनियां और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा। पर्यटकों को भी राफ्टिंग के दौरान गाइड के निर्देशों का पालन करने और आवश्यक सुरक्षा उपकरण पहनने की सलाह दी जाती है।
गंगा में राफ्टिंग केवल रोमांच से जुड़ी गतिविधि नहीं है, बल्कि ऋषिकेश के पर्यटन कारोबार का एक बड़ा हिस्सा भी है। मानसून के दौरान गतिविधि बंद रहने से इस कारोबार में कुछ समय के लिए ठहराव आ जाता है। नए सीजन की शुरुआत से राफ्टिंग कारोबारियों, गाइडों और पर्यटन से जुड़े दूसरे लोगों को भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल राफ्टिंग सीजन शुरू होने के साथ ही ऋषिकेश में रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों का इंतजार खत्म हो गया है। पर्यटन विकास परिषद की नई पोर्टल व्यवस्था और प्रशिक्षित गाइडों के पंजीकरण के जरिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।