Uttarakhand देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कमेड़ा से बद्रीनाथ तक यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़कों की स्थिति, पार्किंग स्थलों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पंजीकरण एवं जांच केंद्रों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम चमोली राजकुमार पांडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, एनएच, बीआरओ और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
कुमार ने सबसे पहले गौचर के कर्णप्रयाग स्थित पंजीकरण केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), मेला मैदान और ट्रॉमा सेंटर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त दवाओं के भंडारण, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और साफ-सफाई की समीक्षा की।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां, उपकरण व मेडिकल स्टाफ हर समय तैनात रहें। उन्होंने बताया कि चमोली जिले में जल्द ही डायलिसिस मशीनें उपलब्ध हो जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी उपकरण या सुविधा की आवश्यकता है तो संबंधित विभाग समय पर प्रस्ताव शासन को भेजें, ताकि समय रहते संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
कुमार ने बताया कि आगामी यात्रा में श्रद्धालुओं की बेहतर जांच व प्राथमिक उपचार के लिए कुल 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) व 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में जिले में 3 एमआरपी व 5 स्क्रीनिंग प्वाइंट कार्यरत हैं। इस बार 5 नए एमआरपी व कई अतिरिक्त जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो विशेष रूप से यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण व प्राथमिक उपचार के लिए होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एमआरपीएस व जांच केंद्रों के माध्यम से
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में तैयार स्वास्थ्य एडवाइजरी वितरित की जाए। इस एडवाइजरी में तीर्थयात्रियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिम, कोविड-19 जैसी संभावित बीमारियों, खानपान व आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक तीर्थयात्रियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख बस स्टेशनों के निकट स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किए जाएं। चारधाम यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर कुमार ने रुद्रप्रयाग जिले के सिरोबगड़ और चमोली जिले के कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क की जर्जर हालत और संभावित खतरों को देखते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कमेड़ा में डामरीकरण कार्य 20 दिन के भीतर पूरा करने और सिरोबगड़ में स्लाइडिंग जोन का स्थाई समाधान निकालने के लिए तत्काल प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में एक भी बाधा सरकार को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि सभी कार्य हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र में चल रहे डामरीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया तथा कार्यदायी संस्था को 20 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। नंदप्रयाग के परथादीप क्षेत्र में चारधाम यात्रा से पूर्व अस्थाई ट्रीटमेंट कार्य व मलबा निस्तारण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, जिसे 15 दिन के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। एनएच-07 के पागल नाला क्षेत्र में उन्होंने भूस्खलन जोन की विस्तृत जानकारी ली तथा कार्यदायी संस्था को स्थाई समाधान के लिए रणनीति तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। वहीं, जोगीधारा में सड़क के बेस को मजबूत करने व मरम्मत कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के आदेश बीआरओ को दिए।
कुमार ने स्पष्ट कहा कि आस्था, पर्यटन व आर्थिकी की दृष्टि से चारधाम यात्रा उत्तराखंड के लिए काफी महत्वपूर्ण है और सरकार इसे काफी गंभीरता से ले रही है। इसीलिए स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सड़क, आपदा प्रबंधन, पंजीकरण व्यवस्था व पर्यावरण संतुलन पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता यात्रा संचालन में बाधा उत्पन्न कर सकती है, इसलिए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
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